दिल्ली नगर निगम में पहली बार चुनाव लड़ रहे स्वराज इंडिया पार्टी के कॉमन चुनाव चिह्न को लेकर हाईकोर्ट ने अंतरिम फैसला सुनाते हुए याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा था कि चुनाव के लिए कम समय होने के कारण इसपर अंतरिम फैसला सुनाया जाएगा।
1 अप्रैल को इस मामले की सुनावाई करते हुए न्यायमूर्ति संजीव खन्ना व न्यायमूर्ति चंद्रशेखर की खंडपीठ ने कहा कि इस मामले पर विचार करने की आवश्यकता है। इसमें दोनों पक्षों के तर्क सुने जाएंगे।
अदालत ने कहा कि यह लोकतंत्र है यहां हर पार्टी के चुनाव लड़ने की किसी भी पार्टी को चुनाव लड़ने का हक है। दरअसल, स्वराज इंडिया ने एकल पीठ के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें उन्हें कॉमन चुनाव चिह्न देने से मना कर दिया था।
पार्टी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि पंजीकृत पार्टी के प्रत्याशियों को कॉमन चुनाव चिह्न प्रदान करने का प्रावधान है और उनकी पार्टी को गलत तरीके से इस अधिकार से वंचित किया जा रहा है।