दिल्ली में लॉकडाउन के दौरान खोले गए शराब के ठेकों पर लग रही भीड़ के मद्देनजर मांग उठ रही है कि राजधानी में प्राइवेट शराब के ठेकों को भी खोल देना चाहिए। लेकिन सरकार इस तरह की अनुमति नहीं दे सकती है।
दिल्ली सरकार 400 प्राइवेट शराब की दुकानों को खोलने की मंजूरी नहीं दे सकती क्योंकि वे गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार लॉकडाउन में छूट अंतर्गत नहीं आते हैं। हालांकि दिल्ली में कंटेनमेंट जोन के बाहर करीब 200 सरकारी दुकानों को खोलने की मंजूरी दे दी गई है। प्राइवेट शराब दुकानदारों को अब भी दुकान खोलने के आदेशों का इंतजार है।
इस महीने की शुरूआत में सरकार ने एल-7 लाइसेंस धारक प्राइवेट शराब दुकानदारों को चिन्हित कर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित शर्तों को पूरा करने के लिए कहा था। सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने ऐसी दुकानों का निरीक्षण कर एक रिपोर्ट जमा की है। सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि कोई भी प्राइवेट शराब की दुकान दिल्ली में नहीं खुल सकती क्योंकि गृह मंत्रालय की शर्तों को पूरा नहीं करते हैं।
दिल्ली में लगभग 400 निजी शराब की दुकानें हैं, जबकि अन्य 400 सरकारी संचालित आउटलेट हैं। दिल्ली सरकार शराब की बिक्री से सालाना 5,000 करोड़ रुपये कमाती है।