दिल्ली सरकार कोविड-19 के हल्के लक्षण वाले मरीजों का इलाज उनके घर में करेगी। इसके लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। विशेषज्ञ हल्के लक्षण वाले मरीजों के घर का मुआयना करेंगे और वहां रहने वालों की संख्या और घर में मौजूद कमरों आदि का आकलन करके एक जगह पर संक्रमित को रहने के लिए कहा जाएगा। इस तरह के मरीजों की दिल्ली में संख्या 75 फीसदी के करीब है। जरूरी होने पर ही उसे कोविड सेंटर भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 के हल्के लक्षण वाले व ए-सिंप्टोमटिक लोगों के लिए केंद्र सरकार की एक गाइड लाइन आई है। इसमें कहा गया है कि हल्के लक्षण वाले मरीजों का घर पर इलाज हो सकता है। दिल्ली सरकार इस तरह के मरीजों को घर पर इलाज कर रही है।
इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम घर का मुआयना कर जरूरी इंतजाम देखती है। चिकित्सक घर पर रहने वाले लोगों के नियमित संपर्क में रहेंगे। अगर किसी के घर पर सुविधा पर्याप्त नहीं है, क्वारंटीन करने के लिए अलग से कोई कमरा नहीं है तो उनको दिल्ली सरकार के कोविड सेंटर पर भेजा जाएगा। इससे उनके परिवारवालों को ज्यादा दिक्कत नहीं होगी।
82 फीसदी मृतकों की उम्र 50 से पार
सीएम ने बताया कि दिल्ली सरकार ने मृतकों की संख्या व उनकी आयु का विश्लेषण किया है। इसमें से जिन 82 फीसदी लोगों की जान गई, उनकी उम्र 50 साल से ज्यादा थी। साफ है कि बुजुर्गों की मौतें ज्यादा हो रही हैं। उन्होंने सलाह दी कि बुजुर्गों को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। साथ ही बार-बार हाथ धोते रहने की आदत भी डालनी होगी।
निजी अस्पतालों की एंबुलेंस भी कोविड-19 में लगाई
सीएम का कहना है कि अभी एंबुलेंस की कुछ दिक्कत आ रही है, लेकिन अब निजी अस्पतालों की एंबुलेंस को भी कोविड-19 के मरीजों के लाने-ले जाने के काम में लगा दिया गया है। ऐसा नहीं है कि वह 24 घंटे इसी काम में लगे रहेंगे। जरूरत होने पर उनको बुलाया जा सकता है। बाकी समय वह अपने अस्पताल के साथ काम करेंगी। इससे एंबुलेंस की दिक्कत भी दूर हो गई है।