दिल्ली में निर्माण गतिविधियों से होने वाले धूल प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने सोमवार को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति का एआई आधारित मॉनिटरिंग पोर्टल लॉन्च कर दिया। अब 500 वर्ग गज से बड़े सभी निर्माण स्थलों की डिजिटल निगरानी होगी। 360 डिग्री कैमरों और एआई तकनीक के जरिए सरकार को यह जानकारी मिलेगी कि किस निर्माण स्थल पर प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन हो रहा है और कहां लापरवाही बरती जा रही है।
सचिवालय में पोर्टल लॉन्च करते हुए पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह पोर्टल प्रदूषण मुक्त दिल्ली की दिशा में बड़ा कदम है। करीब एक वर्ष में तैयार हुए इस प्लेटफॉर्म पर निर्माण स्थल से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। इससे यह भी पता चलेगा कि किस परियोजना से कितना धूल प्रदूषण हो रहा है और निगरानी पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी होगी।
अब सरकार के पास होगा निर्माण स्थलों का पूरा रिकॉर्ड
दिल्ली में 500 वर्ग गज से अधिक क्षेत्रफल वाले सभी निर्माण स्थलों का डिजिटल रिकॉर्ड इस पोर्टल पर रहेगा। इससे राजधानी में चल रही निर्माण गतिविधियों का केंद्रीकृत डाटाबेस तैयार होगा। अधिकारियों के अनुसार दिल्ली में करीब 1800 निर्माण स्थल हैं। इनमें लगभग 900 का काम पूरा हो चुका है, जबकि करीब 900 सक्रिय निर्माण स्थलों की निगरानी नए पोर्टल के जरिए की जाएगी।
मैनुअल व्यवस्था की जगह एआई आधारित सिस्टम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब तक निर्माण स्थलों की निगरानी मैनुअल तरीके से होती थी, लेकिन नई व्यवस्था में एआई और 360 डिग्री सेंसर कैमरे लगातार निगरानी करेंगे। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी और धूल प्रदूषण रोकने के नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित यह प्रणाली प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है और इससे जवाबदेही भी तय होगी। उन्होंने पर्यावरण विभाग और अधिकारियों को इसके लिए बधाई दी।