दिल्ली की एक कोर्ट ने एनआईए की डीएनए रिपोर्ट के बाद 11 मृतकों के अवशेषों का अंतिम संस्कार करने की अनुमति दे दी है। स्पेशल जज पीतांबर दत्त ने मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर के अवशेषों के अंतिम संस्कार की भी अनुमति दी।
पटियाला हाउस कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा डीएनए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद 11 मृतकों के अवशेषों का अंतिम संस्कार करने की अनुमति दे दी है। स्पेशल जज पीतांबर दत्त ने यह आदेश जारी किया। इसमें आत्मघाती हमले में मारे गए मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर के अवशेषों का अंतिम संस्कार भी शामिल है।
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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया जाना चाहिए। मृतकों की धार्मिक आस्थाओं का अनुपालन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यह फैसला एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया के बाद आया है।
डीएनए रिपोर्ट के बाद अंतिम संस्कार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अदालत में डीएनए रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इस रिपोर्ट के आधार पर सभी 11 मृतकों की पहचान की पुष्टि हुई। यह पहचान प्रक्रिया जटिल थी क्योंकि शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। डीएनए मिलान के बाद ही अवशेषों को अंतिम संस्कार के लिए सौंपा गया।
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अदालत ने इस मामले में मानवीय पहलुओं पर भी विचार किया। मृतकों के परिजनों ने अंतिम संस्कार की अनुमति मांगी थी। अदालत ने धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए यह फैसला सुनाया। यह सुनिश्चित किया गया कि अंतिम संस्कार में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।