दिल्ली सरकार के गठन के बाद दिल्ली जल बोर्ड के चेयरमैन और जल मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर दिल्ली में पानी की सप्लाई को बेहतर करने के लिए विभिन्न मुद्दों पर फैसले लिए। कॉलोनियों में सीवर कनेक्शन से लेकर वर्षा जल संचयन, भूजल संचयन और यमुना में गिरने वाले गंदे नालों को लेकर चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि जिन कॉलोनियों में सीवर लाइन बिछा दी गई है, उनमें घरों को सीवर कनेक्शन दिया जाएगा। जिससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि घरों का गंदा पानी बाहर नाली में न बह सके। इसके लिए दिल्ली सरकार अपने पास से खर्चा उठाएगी। इससे न केवल कॉलोनियों में स्वच्छता होगी बल्कि यमुना में भी गंदगी बहने से रुकेगी।
जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी कायाकल्प किया जाएगा। ठेकेदार को भी काम सौंप दिया गया है। दिल्ली जल बोर्ड में फिलहाल 50 वाटर प्लांट हैं। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से सरकारी एजेंसी द्वारा 7 रुपये प्रति किलो लीटर के हिसाब से खरीदे जा रहे उपचारित पानी पर शुल्क माफ कर दिया है।
वर्तमान में दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से 500 एमजीडी उपचारित पानी का उत्पादन किया जा रहा है। जिसमें से केवल 90 एमजीडी पानी विभिन्न प्रयोजनों में इस्तेमाल किया जाता है। गैर-पारंपरिक परियोजनाओं को अंजाम देने के लिए इनोवेशन सेल का भी गठन किया गया है। जोकि अनुसंधान गतिविधियों को अंजाम देने के लिए दिल्ली जल बोर्ड को मजबूती प्रदान करेगा।
सेल प्रमुख रूप से अमोनिया, आयरन, टीडीएस, कठोरता, जल प्रदूषण, परीक्षण, पानी और सीवरेज क्षेत्र के लिए कम लागत वाले समाधानों की डिजाइनिंग की वर्तमान आगामी समस्याओं के समाधान की पहचान करेगा। साथ ही, राज्य और केंद्र सरकार के अन्य विभागों और एजेंसियों को परामर्श भी प्रदान करेगा।