दिल्ली सरकार गांवों के कायाकल्प पर 900 करोड़ रुपये खर्च करेगी। गांवों में विकास कार्य के लिए चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले ग्रामीण विकास बोर्ड ने 1387 प्रस्ताव पास किए थे। अब इन कामों को युद्धस्तर पर पूरा किया जाएगा। विकास मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को सभी एजेंसियों को 15 जून तक एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
गोपाल राय ने बुधवार को कहा कि ग्रामीण विकास बोर्ड और इससे जुड़ी सभी एजेंसियों को 15 जून तक अपना टाइम लाइन तय करने का आदेश दिया है। इन कार्यों को पूरा करने के लिए हमारे पास अक्तूबर तक का ही समय है। नवंबर में दिल्ली में ग्रैप लागू होता है और वह दिसंबर तक लागू रहता है। इसके बाद जनवरी में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो जाएगी।
राय ने बताया कि 19 जून को सभी विधायकों की बैठक बुलाई गई है। इसमें संबंधित विभागों के अधिकारी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र से आने वाले प्रस्तावों की प्रगति रिपोर्ट विधायकों के सामने रखेंगे। इसके अलावा उन्हें ग्राउंड लेवल पर आ रही समस्याओं का भी हल किया जाएगा। इस दौरान सभी विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा की जाएगी। वहीं, उलझी हुई समस्याओं का समाधान के लिए दिल्ली सचिवालय में 27 और 28 जून को विशेष कैंप लगाया जाएगा।
ग्रामीण विकास की 900 करोड़ की योजना छलावा : भाजपा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि दिल्ली सरकार एक छलावा सरकार है। पूरी दिल्ली की तरह दिल्ली देहात की जनता का भी विश्वास खो चुकी है। दिल्ली देहात की जनता की मांग पर दिल्ली भाजपा और 360 गांवों की पंचायत ने लंबा संघर्ष किया और ग्रामोदय योजना के तहत उपराज्यपाल ने डीडीए के माध्यम से दिल्ली देहात के लिए 962 करोड़ रुपये की विकास योजना स्वीकृत करवाईं। बौखलाई आम आदमी पार्टी की सरकार इसी योजना को अपना योजना बता कर छलावा कर रही है। सचदेवा ने कहा है कि दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय भली भांति जानते हैं। जिन 1387 प्रस्तावों का जिक्र गोपाल राय ने किया है वह सांसद एवं जिलाधिकारी ग्रामीण प्रवास में एकत्र हुए थे। उनकी ग्रामीण विकास की 900 करोड़ की योजना मात्र छलावा है।