दिल्ली के चारों ओर स्मार्ट रिंग रोड बनाता है पेरीफेरल
इन एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 135-135 किलोमीटर है और ये छह-लेन के आधुनिक मार्ग हैं। पूर्वी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और बागपत को जोड़ता है, जबकि पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे हरियाणा के कुंडली, मानेसर और पलवल को कनेक्ट करता है। दोनों मिलकर दिल्ली के चारों ओर एक स्मार्ट रिंग रोड का काम करते हैं। इसका सीधा फायदा ये हुआ है कि दिल्ली की सड़कों, खासकर रिंग रोड, बाहरी रिंग रोड और एनएच-44 व एनएच-48 जैसे प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम हुआ है। जाम घटने से यात्रियों का समय और ईंधन दोनों की बचत हो रही है। सबसे बड़ा असर प्रदूषण पर पड़ा है। भारी डीजल वाहनों की संख्या कम होने से दिल्ली की हवा को साफ रखने में मदद मिली है। इसके अलावा इन एक्सप्रेसवे को ग्रीन और स्मार्ट तरीके से विकसित किया गया है, जहां सौर ऊर्जा और ड्रिप इरिगेशन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।
दिल्ली के भले के लिए भुगतान जरूरी-सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भुगतान से दिल्ली स्मार्ट और प्रदूषण मुक्त शहर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य है कि केंद्र के साथ मिलकर विकास की रफ्तार बढ़ाई जाए और दिल्लीवासियों को बेहतर यातायात और साफ वातावरण मिल सके।