सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों व उनके अभिभावकों का आधार कार्ड व वोटर कार्ड का डाटा मांगने वाले सर्कुलर को दिल्ली सरकार वापस लेगी। दिल्ली सरकार की ओर से सोमवार को यह जानकारी हाईकोर्ट को दी गई। ऐसा आदेश जारी करने पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी।
दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने 11 सितंबर को सर्कुलर जारी किया था, जिसमें सरकारी स्कूलों के 87 लाख छात्रों का आधार व वोटर आई कार्ड का डाटा 21 सितंबर तक एकत्र करने का आदेश दिया था। राजकीय विद्यालय अध्यापक एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता कमलेश कुमार मिश्रा ने जनहित याचिका दायर कर इसे चुनौती दी थी।
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना व एस चंद्रशेखर की खंडपीठ के समक्ष दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता ने कहा कि, दिल्ली सरकार आधार पर आए फैसले के बाद 11 सितंबर का सर्कुलर वापस ले रही है। इसमें जरूरी परिवर्तन करके दोबारा जारी किया जाएगा।
खंडपीठ ने सर्कुलर पर दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता को फटकार लगाते हुए कहा था कि, सरकार इस तरह बच्चों को दाखिला लेने से कैसे रोक सकती है। दिल्ली सरकार के स्कूलों में अच्छी पढ़ाई होती है, इसलिए बाहरी छात्र यहां पढ़ने आते हैं। इस पर सरकार को गर्व होना चाहिए। सरकार का आदेश पूरी तरह से गलत है, इसलिए इसे रद्द किया जाए।