कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट में लेटलतीफी होने के चलते दिल्ली के अधिकांश जिले अब तक लाल जोन से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। एक दिन पहले ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की बैठक में जांच रिपोर्ट 15-15 दिन में भी नहीं मिलने का मुद्दा उठा था जिसके बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी की सभी लैब को सख्त चेतावनी जारी कर दी है। हालांकि अभी केंद्र सरकार की लैब को इससे जुड़े निर्देश नहीं मिले हैं।
अमर उजाला ने 29 अप्रैल के अंक में रिपोर्ट न मिलने के इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। साथ ही दिल्ली में जिला वार प्रशासन के सामने आ रही मुश्किलों के बारे में भी पाठकों तक जानकारी पहुंचाई थी।
दिल्ली सरकार के आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि अगर समय रहते रिपोर्ट नहीं मिलती है तो इससे दिल्ली का बड़ा नुकसान हो सकता है। सभी लैब और मौजूदा कर्मचारियों की जिम्मेदारी बनती है कि तय फॉर्मेट में समय रहते सैंपल की जानकारी प्रशासन को मुहैया कराई जाए।
पहला सैंपल या फिर दोबारा से भेजा सैंपल पॉजिटिव मिलते ही इसकी जानकारी ईमेल के जरिये प्रशासन तक समय रहते पहुंचनी चाहिए। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने कोविड अस्पताल, कोविड निगरानी केंद्र और कोविड कलेक्शन केंद्र इत्यादि को एक यूनिक आईडी नंबर दिया है।
इन जगहों से जाने वाले सैंपल और उनकी जांच रिपोर्ट पर यह यूनिक कोड अनिवार्य है, ताकि इस कोड के जरिये संबंधित जिला प्रशासन को समय रहते सटीक रिपोर्ट प्राप्त हो सके।