सौर ऊर्जा का उपयोग वातावरण को स्वच्छ रखते हुए बिजली उपलब्ध कराता है। यही कारण है कि पूरी दुनिया में इसके उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। दिल्ली सरकार भी सौर ऊर्जा के उपयोग को एक जनांदोलन बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। सरकार का मानना है कि इससे राजधानी को स्वच्छ और साफ ऊर्जा का विकल्प मिल सकेगा। इससे राजधानी के प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को सौर ऊर्जा को लेकर एक अभियान जारी किया। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली में सात मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होता था। अब यह बढ़कर 177 मेगावाट हो गया है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा उपयोग को एक जनांदोलन बनाना होगा जिससे राजधानी को प्रदूषण मुक्त किया जा सके और साथ ही लोगों की ऊर्जा की जरूरतें भी पूरी की जा सकें। इस अवसर पर उन्होंने दिल्ली के लेडी इरविन कॉलेज में सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन भी किया।
उन्होंने कहा कि थर्मल पॉवर प्लांट प्रदूषण पैदा करते हैं। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने दो थर्मल पॉवर प्लांट को बंद कर दिया है। दिल्ली ने केंद्र सरकार से अन्य थर्मल पॉवर प्लांट को भी बंद करने का अनुरोध किया है, जिससे राजधानी को ठंड में होने वाले प्रदूषण से बचाया जा सके।