डीटीसी बस में सफर करती महिलाएं
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राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा क्लस्टर स्कीम के तहत लाई जाने वाली 1000 नई स्टैंडर्ड फ्लोर बसों में 4 के बजाय अब 10 पैनिक बटन और सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे। सरकार ने पैनिक बटनों की संख्या बढ़ाते हुए जल्द काम शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की अध्यक्षता में हाल ही में परिवहन विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लिया गया। महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर पैनिक बटन बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इस फैसले के लिए बसों के अंदर दोनों ओर 5-5 बटन लगाए जाएंगे, जो सेंट्रल कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे। पैनिक बटन को कंट्रोल रूम से जोड़ने के लिए बसों में 4जी इंटरनेट कनेक्टिविटी के प्रस्ताव को भी पास किया गया है।
पैनिक बटन के कंट्रोल रूम से जुड़ने से बस में हुई किसी भी घटना की शिकायत तत्काल डिपो मैनेजर को अलर्ट भेजा जाएगा। यदि बस में कोई घटना होती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए टू-वे कम्यूनिकेशन सिस्टम विकसित किया जाएगा। डिपो मैनेजर के पास बस के ड्राइवर व कंडक्टर का नंबर होगा और बस से पैनिक अलर्ट मिलने की स्थिति में डिपो से ड्राइवर को मैसेज भेजा जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि डीटीसी और क्लस्टर स्कीम की 5500 बसों में इससे पहले आईपी बेस्ड सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाने के लिए टेंडर हुआ था, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते टेंडर फेल हो गया है। अब इस योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है और जल्द फिर टेंडर होगा। सिस्टम को कश्मीरी गेट स्थित डिम्ट्स में कंट्रोल रूम बनाने की योजना है। पैनिक की स्थिति में कंट्रोल रूम में बस की लाइव स्ट्रीमिंग भी देखी जा सकेगी। इस योजना को सफल बनाने के लिए बस चालकों, कंडक्टरों और मार्शलों को पैनिक बटन के प्रयोग की ट्रेनिंग दी जाएगी। फिलहाल, बसों में दो सप्ताह का डाटा मेंटेन करने की योजना है।