दिल्ली में इन दिनों तापमान लगभग 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़क पर निकलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में मजदूर, रिक्शा चालक, रेहड़ी-पटरी वाले, डिलीवरी कर्मी और आम राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।
राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए बड़े स्तर पर कूलिंग जोन की व्यवस्था शुरू की है। दिल्ली हीट एक्शन प्लान 2026 के तहत बनाए गए इन कूलिंग जोन का उद्देश्य तेज धूप और भीषण गर्मी से लोगों को सुरक्षित रखना है। सरकार का दावा है कि पूरी दिल्ली में लगभग 11 हजार कूलिंग पॉइंट तैयार हैं, जहां आम नागरिकों को गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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दिल्ली में इन दिनों तापमान लगभग 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़क पर निकलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में मजदूर, रिक्शा चालक, रेहड़ी-पटरी वाले, डिलीवरी कर्मी और आम राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने राजधानी के अलग-अलग इलाकों में कूलिंग जोन बनाए हैं।
इन कूलिंग जोन में लोगों के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। यहां एयर कूलर और बड़े पंखे लगे हैं ताकि लोगों को गर्मी से राहत मिल सके। इन कूलिंग जोन पर टेंट और शेड लगाए गए हैं जिससे लोग धूप से बच सकें। सरकार की ओर से लगे इन कूलिंग जोन में लोगों को टोपी, गमछे और रूमाल भी वितरित किए जा रहे हैं ताकि वह बाहर निकलते समय खुद को लू और तेज धूप से सुरक्षित रख सकें।
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इसके अलावा कूलिंग जोन में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। लोगों को सामान्य पानी के साथ-साथ ठंडा पानी और ओआरएस घोल भी उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में शरीर में पानी और नमक की कमी होने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में ओआरएस का वितरण लोगों के स्वास्थ्य के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है।
इन कूलिंग जोन की देखरेख के लिए दिल्ली सिविल डिफेंस के कर्मियों को तैनात किया है। यह कर्मी हर समय वहां मौजूद रहते हैं और आने वाले लोगों की सहायता करते हैं। यदि किसी व्यक्ति की तबीयत खराब होती है या उसे चक्कर, कमजोरी या घबराहट जैसी समस्या महसूस होती है तो तुरंत प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। जरूरत पड़ने पर लोगों को नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाने की भी व्यवस्था रखी गई है।
सरकारी अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली हीट एक्शन प्लान 2026 के तहत यह कदम राजधानी को गर्मी के खतरों से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और दिल्ली नगर निगम को भी अलर्ट पर रखा गया है।