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दिल्ली सरकार की राहत, डीजल बसों को 15 साल तक चलाने की छूट

Fri, 18 Mar 2016 06:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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डीजल वाहनों को दिल्ली सरकार से राहत
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डीजल से चलने वाली पुरानी बसों को दिल्ली सरकार ने फौरी राहत दी है। बस स्वामी अब डीजल बसों में सीएनजी का रेट्रोफिटमेंट कराके उसे दस के बजाए 15 साल तक सड़क पर चला पाएंगे।
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हालांकि, सरकार ने इस राहत के साथ कुछ शर्तें भी रखी हैं, जिसका फायदा यूरो तीन और चार मानक वाले वाहनों को ही मिलेगा। निजी वाहनों में भी सीएनजी रेट्रोफिटमेंट की मंजूरी अब सिर्फ यूरो तीन और चार मानक के चार पहिया वाहनों को होगी। परिवहन विभाग ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिया है।

दरअसल, दिल्ली सरकार ने पुराने वाहनों में सीएनजी (कम्प्रेस नेचुरल गैस) रेट्रोफिटमेंट के बदलाव को लेकर एक चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने जो रिपोर्ट दी है, उससे सबसे ज्यादा फायदा ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट से चलने वाली यूरो तीन और चार मानक की बसों को मिलेगी।
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इसमें सरकार ने कुछ शर्तें रखी हैं

मंत्रियों के साथ अरविंद केजरीवाल
हालांकि, इसमें भी सरकार ने कुछ शर्तें रखी हैं।  अभी तक डीजल वाहन (निजी और व्यवसायिक दोनों) को रजिस्ट्रेशन के बाद दस साल तक चलाने की मंजूरी है। अब इस नए आदेश से ऐसी बसें जो डीजल ईंधन से चलती हैं, वह सीएनजी रेट्रोफिटमेंट करा सकते हैं।

यह तभी हो सकता है जबकि बस यूरो तीन मानक की हो तो उसका रजिस्ट्रेशन 31 मार्च 2010 से पहले हुआ हो। अगर इसके बाद यूरो तीन मानक की बस रजिस्टर्ड है तो उसे रेट्रोफिटमेंट की मंजूरी नहीं मिलेगी।

कमेटी के एक सदस्य के मुताबिक राजधानी में यूरो तीन मानक के वाहनों का नियम 2005 में लागू हुआ था। यूरो फोर मानक अप्रैल 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले लागू हुआ। यूरो फोर मानक की बस जो अप्रैल 2010 या उसके बाद रजिस्टर्ड हैं, उन्हें यह राहत मिलेगी।
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ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट लोकल हो जाएगा

अरविंद केजरीवाल
उनके मुताबिक, इसमें एक शर्त यह है कि सीएनजी लगवाने के बाद उस बस का परमिट क्राइटेरिया बदल जाएगा। बस का ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट लोकल हो जाएगा। मसलन, वह सिर्फ दिल्ली एनसीआर में चल पाएंगे।

कमेटी के अनुसार, अब निजी कार चालक अपने पुराने वाहनों में सीएनडी रेट्रोफिटमेंट करा रहे हैं तो वह वाहन यूरो तीन और चार होने चाहिए। अगर वह इस कैटेगरी में नहीं आते हैं तो उनमें सीएनजी नहीं लगवा सकते हैं।

कार में यूरो तीन मानक की कार अप्रैल 2010 से पहले की रजिस्टर्ड हो, तभी उसे सीएनजी रेट्रोफिटमेंट की मंजूरी मिलेगी। परिवहन विभाग के आदेश से यूरो दो मानक के वाहनों में अब सीएनजी नहीं हो पाएगी। 
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