टकराव के बाद आखिरकार दिल्ली सरकार ने यह पहली बार माना की ज्वाइंट सीपी एमके मीणा एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक शाखा) के हिस्से हैं। मगर एसीबी दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग निदेशक (डीओवी) के अंतर्गत ही काम करता है और उसमें ज्वाइंट सीपी की कोई पोस्ट नहीं है।
इसलिए एसीबी चीफ को उसी के आदेश मानने होंगे। इसे लेकर सतर्कता विभाग ने एक आदेश जारी किया है। जिसमें एसएस यादव की जिम्मेदारी बढ़ाते हुए ज्वाइंट सीपी मीणा के अधिकार को सीमित बताया है।
मगर मीणा ने डीओवी के आदेश को पहले भी मानने से इनकार कर दिया था। ऐसे में वह इस आदेश को मानेंगे यह कहना मुश्किल है। सतर्कता विभाग के निदेशक सुकेश कुमार जैन की ओर से मंगलवार को एक ओर आदेश जारी किया गया।