दिल्ली सरकार के गृह व विधि मंत्रालय की ओर से प्रस्तावित जेल मैन्युअल की फाइल पास कर दी है लेकिन नौकरशाह इस फाइल को दबाए बैठे हैं। इसक चलते नए मैन्युअल की अधिसूचना जारी होने में विलंब हो रहा है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ के समक्ष दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि दिल्ली सरकार के विधि, गृह और मुख्य सचिव इस फाइल को दबा कर बैठे हैं। इन अधिकारियों के कारण राजधानी के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कोर्ट ने राहुल मेहरा के लहजे पर सवाल उठाते हुए आपत्ति जताई। इसके बाद अधिवक्ता व खंडपीठ के समक्ष बहस हो गई। हालांकि राहुल मेहरा ने इसके लिए खेद जाहिर किया। हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि जेल मैन्युअल तैयार करना पंचवर्षीय योजना नहीं है। कोर्ट ने बृहस्पतिवार को जब इस मुद्दे पर सवाल पूछा तो राहुल मेहरा ने बताया कि यह फाइल विधि व गृह विभाग से पास हो चुकी है लेकिन नौकरशाह इसे दबाकर बैठे हैं।
तिहाड़ जेल में बंद कैदियों को नियंत्रित करने वाले नियम कायदों में समरुपता लाने के मकसद से नया जेल मैन्युअल बनाया जा रहा है। दिल्ली सरकार ने कोर्ट को बताया था कि नया जेल मैन्युअल बनने के बाद पेरोल व फरलो के नियमों में बदलाव किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने नया जेल मैन्युअल बनाने का मुद्दा एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उठाया था। जनहित याचिका में कहा गया था कि महिला कैदियों को सेमी ओपन व ओपन जेल की सुविधा देने में भेदभाव किया जा रहा है।