प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली सरकार पर स्कूली बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव का दावा कर रही है वहीं दूसरी तरफ कक्षा 9वीं से 12वीं तक फेल होने वाले छात्रों को दाखिला नहीं दिया जा रहा है। अधिकारिक आंकड़ों में इस बात का खुलासा किया गया है कि वर्ष 2017-18 में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 66 बच्चों को स्कूली शिक्षा से ही वंचित कर दिया गया है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव का दावा कर रही है जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां करती दिख रही। जो बदलाव केजरीवाल सरकार ने किए हैं, वे खोखले साबित हो रहे हैं। सरकार सिर्फ अपने स्कूलों का रिजल्ट अच्छा दिखाने के लिए इस तरह बच्चों से उनके शिक्षा का अधिकार छीनने का प्रयास कर रही है। शिक्षा को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करने वाले मनीष सिसोदिया अब कहां गए। एक वर्ष में एक लाख से भी ज्यादा बच्चों से उनका शिक्षा का अधिकार छीनने का अधिकार दिल्ली सरकार को किसने दिया, यह बेहद शर्मनाक है और बच्चों के भविष्य को अंधेरे में धकेलने की साजिश है।
उन्होंने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बच्चों को भी अपनी ओछी राजनीति में घसीट रहे हैं। पहले बच्चों से उनका निजी डाटा मांगते हैं और उनके परिवार वालों को धमकी देते हैं कि अगर अपने बच्चों से प्यार है तो आम आदमी पार्टी को वोट दो और अब ये खुलासा केजरीवाल सरकार की अराजकता का परिचय देता है।