बाजारों के विकास की राह में चुनौतियों के लगे हैं अंबार
दिल्ली सरकार ने पांच बाजारों को पुनर्विकसित करने की तो ठानी है, लेकिन इसमें चुनौतियां भी कम नहीं हैं। बेतरतीब तरह से विकसित बाजारों को फिर से एक नया रूप देना आसान नहीं होगा। वहीं, पटरियों पर लगने वाले बाजारों को भी हटाना किसी आफत से कम नहीं है। सरोजिनी नगर मार्केट हो या लाजपतनगर, यहां ना तो बेहतर पार्किंग की व्यवस्था है और ना ही फुटपाथ। हर तरफ बिजली के झूलते तार और सुरक्षा व्यवस्था भी लचर है। सरोजिनी नगर मार्केट नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) क्षेत्र में आता है। ऐसे में राजनीतिक टकराव भी होना तय है, क्योंकि इस मार्केट के विकास के लिए केंद्र की तरफ से भी योजनाएं बनी हैं।
लाजपतनगर बाजार की समस्या
-दिल्ली का हर बाजार काफी पुराना है। ग्राहकों के दबाव की वजह से बेतरतीब बसावट है।
-नीचे दुकान हैं, तो ऊपर रिहायश।
-पटरी पर हॉकर्स का जमावड़ा लगा रहता है।
-सड़क व फुटपाथ पर टाइल नहीं।
-पार्किंग और शौचालयों की भी समस्या है।
-शॉपिंग करके थक जाने वालों के लिए ऐसी जगह नहीं हैं जहां लोग आराम कर सकें।
-कोई ऐसी जगह नहीं जहां बच्चों को पार्क या कहीं और जगह छोड़कर खरीदारी कर सकें।
-लाइटिंग की भी बेहतर व्यवस्था नहीं है।
सरकार की तरफ से अभी पूरा प्लान नहीं आया है। सरकार को इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान देना होगा। बेहतरीन लाइटिंग के साथ सड़क, पार्किंग, फुटपाथ को बेहतर करना होगा। बीच रास्ते में जो हॉकर, रेहड़ी-पटरी वाले बैठे हैं उन्हें कहीं और शिफ्ट करना होगा। सुरक्षा मजबूत करने की आवश्यकता है। यह बाजार ऐसा है, जहां 50 प्रतिशत रिहायश है। 24 घंटे बाजार खोलने की जहां तक बात है तो फिर इसका विरोध संभव है। - संजीव मदान, अध्यक्ष, ट्रेडर्स एसोसिएशन लाजपतनगर
सरोजिनी नगर बाजार की स्थिति
-एनडीएमसी इलाके में यह बाजार बसा हुआ है।
-बड़ी समस्या रेहड़ी-पटरी हैं।
-फुटपाथ और सड़क टूटी हुई हैं।
-बिजली की लाइनें दुकानों के आगे लटकी रहती हैं।
-सड़क पर कचरा फैला रहता है।
-शौचालय, पार्किंग की जरूरत।
-सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भी बेहतर नहीं है।
रेहड़ी-पटरी यहां परेशानी का सबब है। फुटपाथ जर्जर हैं, तो गंदगी का अंबार लगा रहता है। ऑटो चालक ग्राहकों को परेशान करते हैं। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता है। मिनी बाजार की दुकान का साइज काफी कम है। छोटी दुकान होने की वजह से ग्राहकों को सामान दिखाने में परेशानी होती है। एनडीएमसी ने मार्केट की दुकानों को अभी तक फ्री होल्ड नहीं किया है।
-अशोक रंधावा, अध्यक्ष, सरोजनी नगर मिनी मार्केट