मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी सड़क सुधार कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं, ताकि 30 सितंबर 2026 तक प्रमुख परियोजनाओं को पूरा किया जा सके। इसके लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को गति देने, अग्रिम तैयारियां शुरू करने और निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। उनका कहना है कि समय पर काम पूरे होने से नागरिकों को प्रदूषण से राहत मिलेगी और राजधानी की आधारभूत संरचना मजबूत होगी।
सफाई व्यवस्था को और आधुनिक बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने करीब 2300 करोड़ रुपये की लंबी अवधि की योजना को मंजूरी दी है। यह योजना 10 साल के ओपेक्स मॉडल पर चलेगी। इसके तहत सड़कों की बेहतर सफाई के लिए 70 नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें लगाई जा रही हैं। ये मशीनें पहले से काम कर रही मशीनों के साथ मिलकर सड़क की धूल और कचरे को प्रभावी तरीके से साफ करेंगी। इसके अलावा, 1000 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर भी तैनात किए जा रहे हैं, जिससे सफाई व्यवस्था और तेज, पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम प्रदूषण कम करने की दिशा में स्थायी समाधान साबित होगा।
शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने नगर निगम के प्राथमिक स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त 50 करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया है। इस राशि से स्कूलों की इमारतें मजबूत की जाएंगी, साफ-सफाई की सुविधाएं सुधारी जाएंगी, कक्षाओं को आधुनिक बनाया जाएगा और बच्चों के लिए अच्छी पढ़ाई का माहौल तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, नगर निगम के सामुदायिक भवनों की मरम्मत के लिए भी 50 करोड़ रुपये अलग से दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटी कॉलोनियों में बने निगम के करीब 298 सामुदायिक भवनों में गरीब परिवार शादी और अन्य कार्यक्रम करते हैं, इसलिए इन भवनों का सुधार जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार दिल्ली को ऐसे आधुनिक महानगर के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां स्वच्छ पर्यावरण, मजबूत बुनियादी ढांचा, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और सुगम नागरिक सुविधाएं एक साथ सुनिश्चित हों। दिल्ली नगर निगम को प्रदान किया गया, यह विशेष वित्तीय सहयोग केवल बजटीय सहायता नहीं, बल्कि राजधानी के भविष्य में किया गया निवेश है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास कार्यों की गति तेज हो, प्रदूषण में ठोस कमी आए और नागरिकों के जीवन स्तर में प्रत्यक्ष सुधार दिखाई दे।