दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़े कथित धन शोधन मामले में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम.के फैजी को जमानत दे दी।
प्रवर्तन निदेशालय ने एसडीपीआई को पीएफआई का 'राजनीतिक मोर्चा' बताया था। केंद्र सरकार ने सितंबर 2022 में पीएफआई पर 'अवैध संघ' घोषित करते हुए प्रतिबंध लगा दिया था। ईडी के अनुसार, पीएफआई से एसडीपीआई को धन हस्तांतरित किया गया था।
एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अपनी जांच के संबंध में पिछले मार्च में दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर फैजी को गिरफ्तार किया था। निचली अदालत ने पिछले अगस्त में इस मामले में फैजी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। पीएफआई पर प्रतिबंध लगने से पहले, ईडी-एनआईए और विभिन्न राज्य पुलिस बलों सहित कई जांच एजेंसियों द्वारा संगठन के खिलाफ एक साथ छापेमारी और प्रवर्तन कार्रवाई की गई थी।
फैजी की गिरफ्तारी पीएफआई से जुड़े कथित धन शोधन के मामले में हुई थी, जिसमें पीएफआई से एसडीपीआई को धन हस्तांतरण का आरोप है। जमानत मिलने के बाद, एम.के फैजी को जेल से रिहा कर दिया जाएगा।
हालांकि, आदेश की पूरी प्रतिलिपि उपलब्ध होने के बाद ही जमानत की शर्तों और आगे की प्रक्रिया का विस्तृत विवरण सामने आएगा। यह मामला अभी विचाराधीन है और आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी, जिसमें ईडी की जांच और आरोपों का सामना करना शामिल है।