कोरोना वायरस के कारण स्कूल-कॉलेज सब बंद हैं, जिसके कारण डीयू कर्मचारियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है।
ऐसे में दिल्ली सरकार ने सौ फीसदी वित्त पोषित 12 कॉलेजों को ग्रांट (अनुदान) जारी कर बड़ी राहत दी है। बीते तीन माह से अनुदान जारी नहीं होने से कॉलेजों में शिक्षकों व कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा था।
उच्च शिक्षा विभाग ने तीसरी व फाइनल किस्त के तहत 12 कॉलेजों को 40,75,00,000 रुपये का अनुदान जारी करने का आदेश दिया है। इसके बाद शिक्षकों व कर्मचारियों को जल्द वेतन मिलने की उम्मीद जगी है।
लॉक डाउन की स्थिति में इस अनुदान की कॉलेजों को काफी जरूरत थी। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ अध्यक्ष राजीब रे ने लंबित अनुदान जारी करने के आदेश के लिए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा हमें उम्मीद है कि कॉलेजों को बिना विलंब के अनुदान प्राप्त होगा ताकि कर्मचारियों को जनवरी से लंबित वेतन मिल सके। उन्होंने कहा ऐसा संज्ञान में आया है कि जो अनुदान स्वीकृत किया गया है वह बीते दो माह का वेतन देने के लिए ही पर्याप्त होगा।
यदि ऐसा है तो हम उच्च शिक्षा विभाग से अनुरोध करते हैं कि वह पर्याप्त अनुदान जारी करे जिससे शिक्षकों व कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के हिसाब से वेतन, बकाया और अन्य लंबित बकाये का भुगतान किया जा सके।