दिल्ली सरकार विश्वभर में कोरोना वायरस महामारी के कारण विदेश में फंसे दिल्ली के छात्रों की वापसी के लिए एक विस्तृत योजना बनाने पर काम कर रही है।
सूत्रों ने रविवार को बताया कि केंद्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों से ऐसे छात्रों का ब्योरा देने को कहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि विदेश में फंसे छात्रों को वापस लाने पर अंतिम निर्णय केंद्र को लेना है।
सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में दिल्ली के मुख्य सचिव विजय देव ने अधिकारियों से कहा है कि वे विदेश में फंसे छात्रों की सूची बनाएं और छात्रों के लौटने पर उनकी जांच और क्वारंटीन की व्यवस्था के लिए सुझाव दें।
सूत्रों ने कहा कि कई देशों में कोरोना वायरस फैलने के कारण वहां फंसे छात्रों की जानकारी एकत्रित करने का काम दिल्ली सरकार भी कर रही है।
इस सप्ताह की शुरुआत में, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से कहा था कि वे विदेशों में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए व्यवस्था करें। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में, चव्हाण ने कहा कि विदेश में फंसे लगभग 50,000 भारतीय छात्रों में से 5,000-7,000 महाराष्ट्र से हैं।