दिल्ली सरकार के मना करने के बावजूद तीनों नगर निगम अनुबंध के आधार पर वर्षों ने कार्यरत करीब चार हजार शिक्षकों को हटा रही हैं। वह ऐसे अधिकतर शिक्षकों का अनुबंध बढ़ा नहीं रही हैं।
जबकि प्रतिवर्ष 1 जुलाई को 10 माह तक उनका अनुबंध बढ़ा दिया जाता था। इसको लेकर ऐसे शिक्षकों ने बुधवार को दो नगर निगम के मुख्यालय सिविक सेंटर के सामने कई घंटे तक चक्का जाम किया।
उनकी इस समस्या को लेकर उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति में चर्चा हुई, मगर उनको राहत देने के लिए परिणाम नहीं निकला। एकीकृत नगर निगम के समय ही शिक्षकों के रिक्त पदों पर अनुबंध के आधार पर भर्ती करने की पहल शुरू हुई।
तीनों निगम ने भी समय-समय पर अनुबंध के तहत शिक्षकों की भर्ती की। हाल ही में डीएसएसबी ने तीनों निगम में शिक्षकों के रिक्त करीब पांच हजार में से चार हजार पदों पर स्थायी भर्ती कर दी। तीनों निगम आजकल स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति कराने में जुटी हुई हैं।