भले ही 15 अगस्त को लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना आयुष्मान भारत की घोषणा कर दें। लेकिन केंद्र और प्रदेश सरकार में मतभेद के चलते इस योजना की राह दिल्ली में मुश्किल दिख रही है।
दरअसल, दिल्ली सरकार चाहती है कि बिजली बिल और राशन कार्ड के आधार पर प्रदेश के एक करोड़ बीस लाख लोगों को इस स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिले। मुख्यमंत्री का कहना है कि 9 हजार रुपये में दिल्ली के निजी अस्पताल सिजेरियन प्रसूति नहीं कर सकते। इस पर केंद्र सरकार ने चर्चा का आश्वासन दिया है।
दिल्ली स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. कीर्तिभूषण का कहना है कि केंद्र सरकार वर्ष 2011 की जनगणना में आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर इस योजना का लाभ दिल्ली को देना चाहती है। इसके अनुसार दिल्ली में करीब 24 से 25 लाख लोग ही पात्र हैं। जबकि पिछले सात वर्षों में दिल्ली की आबादी करीब एक करोड़ 80 लाख से ऊपर पहुंच चुकी है।