नेशनल आई बैंक के चेयरमैन डा. जेएस टिटियाल बताते हैं कि नेशनल आई बैंक के साथ दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल, राम मनोहर लोहिया अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल और गुरु तेग बहादुर अस्पताल सहित कुछ अन्य अस्पताल जुड़े हैं, जो दिल्ली सरकार के हैं। अब दिल्ली सरकार दिल्ली स्टेट आई बैंक खोलने की योजना बना रही है। हालांकि यह कब तक बनेगा, यह तय नहीं है लेकिन इसे बनाने की बात उठी है।
डा. टिटियाल का कहना है कि नेशनल आई बैंक से दिल्ली के जो अस्पताल जुड़े हैं, उनसे साल में 230 से 250 तक आंखें दान में आती हैं और दिल्ली के ही जरूरतमंद लोगों को यहां से आंखें दी जाती हैं। नेशनल आई बैंक की सुविधा पूरे देश को मिलती है, जबकि दिल्ली स्टेट आई बैंक खुलने पर इसकी सुविधा सिर्फ दिल्ली के लोगों को ही मिलेगी।
हालांकि उनका कहना है कि हमारे देश में डोनर की भारी कमी है, जिसकी वजह से देने वाले और पाने वाले के बीच तालमेल नहीं बन पा रहा लेकिन इस बीच एक अच्छी बात यह है कि साल दर साल लोग आंखों के दान के प्रति जागरूक हो रहे हैं। दिल्ली स्टेट आई बैंक पर स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ़ कीर्ति भूषण का कहना है कि अभी इसे लेकर कोई खास तैयारी नहीं है लेकिन अगर ऐसा हो जाता है तो गुरु नानक आई सेंटर को ही आई बैंक बनाया जाएगा।