एक आंकड़े के मुताबिक, गत वर्ष सीवर में सफाई करने के दौरान कुल 88 सफाई कर्मियों की मौत हो गई थी। इसमें सबसे ज्यादा मौत दिल्ली में हुई थी जहां 18 सफाईकर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। विपक्ष ने इसके लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया था क्योंकि वे स्वयं दिल्ली जल बोर्ड के मुखिया के तौर पर काम कर रहे हैं जिसकी जिम्मेदारी के अंतर्गत ये काम आते हैं।