हालांकि विश्वविद्यालय ने नरेला कैंपस से संचालित होने वाले दो कोर्सेज के लिए फरवरी से ही आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। जैसे ही कैंपस का काम पूरा होगा, इन कोर्सेज को वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। हॉस्टल भी तैयार होना है उसका काम भी शुरू कर देंगे। आईपीयू के अभी दो कैंपस हैं, जिसमें से एक द्वारका में वेस्ट ओर सूरजमल विहार में ईस्ट कैंपस है।
नरेला में नया कैंपस बनने से कैंपस की संख्या तीन हो जाएगी। यहां शिक्षण और रिसर्च पर फोकस किया जाएगा। इस कैंपस में नौ स्कूल (विभाग) बनाने का प्रस्ताव है। इंदिरा गांधी तकनीकी महिला विश्वविद्यालय को बजट में 21.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इन पैसों से इस विश्वविद्यालय के भी नरेला में बनने वाले कैंपस का रास्ता साफ हो गया।
यहां विश्वविद्यालय के अलग तरह के कोर्सेज शुरू करने की तैयारी है। अभी इस विश्वविद्यालय का कैंपस कश्मीरी गेट में है। 16 एकड़ की जमीन पर 9 एकड़ में इस विश्वविद्यालय का कैंपस चलता है जबकि बाकी की जमीन पर डॉ. अंबेडकर विश्वविद्यालय चलता है। आईजीडीटीयूडब्ल्यू को नरेला कैंपस के लिए 50 एकड़ जमीन मिली हुई है। विवि में अभी बीटेक, एमटेक, पीएचडी, बीबीए, एमबीए और एमसीए कोर्स चलते हैं, अब नए कोर्स शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
दिल्ली स्किल एवं उद्यमिता कौशल विश्वविद्यालय शुरू करेगा नए कोर्स
दिल्ली स्किल एवं उद्यमिता कौशल विश्वविद्यालय बजट में मिले पैसों का उपयोग विकास और वेतन में खर्च करेगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय इस बार नए कोर्स शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए विश्वविद्यालय को फंड की जरूरत है। विवि को बजट में 230 करोड़ रुपये मिले हैं। विवि के कुलपति प्रो. अशोक कुमार नगावत ने बताया कि यह ग्रांट कम है, लेकिन बीते साल से ज्यादा है। हम अभी विकास पर खर्च नहीं कर पा रहे थे, अब खर्च कर सकेंगे। हम बाजार की डिमांड के अनुसार नए कोर्स शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। यह कोर्स वहां शुरू होंगे, जिन कैंपस में बीते साल दाखिले नहीं हुए थे। बजट के अभाव में हमारे कई काम रुके थे, जोकि अब पूरे हो सकेंगे।