वसंत विहार गैंगरेप को बीते साढ़े पांच वर्ष हो गए। रेप की घटनाओं को रोकने के लिए कमेटी बनी, कड़े दंड का प्रावधान किया गया, हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लेकर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सुनवाई की। बावजूद इसके केंद्र व राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए और वर्तमान में भी प्रतिदिन दिल्ली में रेप की पांच घटनाएं हो रही हैं।
वसंत विहार गैंगरेप की घटना के बाद हाईकोर्ट ने स्वयं संज्ञान लेकर महिला सुरक्षा को लेकर सुनवाई शुरू की। अदालत ने आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे को सीएसएफएल लैब की बढ़ोतरी, पुलिसकर्मियों की संख्या में भर्ती, सीसीटीवी कैमरे इत्यादि लगाने का निर्देश दिया। साढ़े चार वर्ष बीत गए, बार-बार अदालत की फटकार खाने के बावजूद केंद्र व दिल्ली सरकार ने इनमें से एक पर भी ईमानदारी से काम शुरू नहीं किया।
राजधानी में दिन प्रतिदिन रेप, गैंगरेप (विशेषकर बच्चियों से) की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। राजनीतिक पार्टियां घटना होने पर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की बौछार कर देती है और प्रदर्शन कर अपनी भड़ास भी निकाल लेती है, लेकिन इन घटनाओं को जड़ से रोकने की दिशा में कोई प्रयासरत नहीं हैं। वसंत विहार गैंगरेप मामला इसका जीता जागता उदाहरण है।