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दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पूरी तरह सील, स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने लिया फैसला

Mon, 25 May 2020 11:02 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
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दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर सील - फोटो : ani
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कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच जिला प्रशासन ने दिल्ली बॉर्डर को पूरी तरह से सील करने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट को आधार बनाकर प्रशासन ने यह फैसला लिया है। दिल्ली व केंद्र सरकार में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी व दिल्ली के अस्पतालों में चिकित्सा सेवा दे रहे चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों के आने जाने पर किसी तरह की रोक नहीं होगी।

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सुबह 9 बजे से पहले और शाम छह बजे के बाद ही जिले की सीमा से आगमन व प्रस्थान करना पड़ेगा। मालवाहक वाहन, एंबुलेंस और विशेष परिस्थिति में जारी पास पर भी लोगों को आने जाने की इजाजत दी जाएगी। 

इसके साथ ही शिफ्टों में काम करने वाले लोग वैध पास के जरिए आ-जा सकेंगे। साथ ही मीडिया कर्मी भी संस्थान से जारी पहचान पत्र पर जा सकेंगे। यह दूसरी दफा है जब दिल्ली बॉर्डर को सील करने का फैसला लिया गया है। इससे पहले लॉकडाउन 2.0 में बॉर्डर को सील कर दिया गया था, लेकिन लॉकडाउन 3.0 में कुछ रियायतें मिलने के बाद बॉर्डर पर आवाजाही में ढील दे दी गई थी।
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अब अचानक मई महीने में कोरोना मरीजों की तेजी से बढ़ती संख्या ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी दोबारा से प्रशासन को पत्र लिखकर दिल्ली के साथ लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने की सिफारिश की, जिसमें स्वास्थ्य विभाग ने फिर लिखा कि रियायतों के बीच लोगों को दिल्ली के साथ सुगम आवागमन जारी है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। 

अब तक करीब 25 फीसदी से अधिक मरीज दिल्ली से जुड़े हुए हैं जो कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। अगर उनके संपर्क में आने वाले लोगों को जोड़ दिया जाए तो यह आंकड़ा कहीं ज्यादा बढ़ जाएगा। इसमें दिल्ली से लौटे जमातियों को नहीं जोड़ा गया है। 

जमातियों और उनके संपर्क में आकर कोरोना संक्रमित हुए लोगों की संख्या भी 37 है। अब प्रशासन ने बॉर्डर सील कर सख्ती करने का फैसला लिया है। 

बॉर्डर सील, पर इन्हें मिलेगा प्रवेश 

  • एंबुलेंस, आवश्यक वस्तु, माल ढुलाई करने वाले वाहन, बैंकिंग सेवा से जुड़े वाहनों को बिना किसी पूछताछ के आने-जाने के इजाजत होगी। 
  • डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिस व बैंक कर्मियों को परिचय पत्र के आधार पर अनुमति। 
  • केंद्र सरकार में तैनात उप सचिव व उसके ऊपर के अधिकारियों को पहचान पत्र के आधार पर अनुमति। 
  • दिल्ली व केंद्र सरकार में तैनात कर्मचारियों को 33 प्रतिशत की स्टाफ क्षमता के साथ संबंधित विभागीय अधिकारी की तरफ से जारी पास व परिचय पत्र के आधार पर प्रवेश की अनुमति। 
  • मीडिया कर्मियों को केवल संस्थान की तरफ से जारी अधिकृत परिचय पत्र ही मान्य होगा। 
  • विशेष परिस्थिति में दिल्ली व केंद्र सरकार की तरफ से जारी पास को मान्यता दी जाएगी। 
  • दिल्ली के विभिन्न न्यायालयों से जुड़े अधिवक्ताओं को परिचय पत्र के आधार पर अनुमति। 

आवश्यक कार्य के लिए बनवा सकेंगे ई-पास
अगर आपका दिल्ली में कोई महत्वपूर्ण काम है या फिर आप दिल्ली में अपना कोई कारोबार करते हैं तो उसके लिए आपको ऑनलाइन जाकर ई-पास बनवाना होगा। ई-पास बनवाने के लिए आप गूगल पर जाकर यूपी ईपीएस लिंक सर्च करें। फिर उस लिंक को खोल कर आवेदन कर सकेंगे। 
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हॉटस्पॉट क्षेत्र में रहने वालों को नहीं होगी अनुमति 
ऐसे लोग जो दिल्ली या गाजियाबाद के किसी हॉटस्पॉ़ट एरिया में रहते हैं, उन्हें जाने व आने के अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी। सीमा पर तैनात पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के पास दोनों जगह की प्रतिदिन के हिसाब से हॉटस्पॉट की अपडेट लिस्ट रहेगी। 

26 अप्रैल को सील किया गया था बॉर्डर 
मरीजों की बढ़ती संख्या और स्वास्थ्य विभाग की सिफारिश पर लॉकडाउन 2.0 में 26 अप्रैल को सीमाएं सील कर वाहनों की आवाजाही को इसी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया था, लेकिन 4 मई से लॉकडाउन 3.0 में दी गई रियायतों के बाद बॉर्डर क्षेत्र में काफी ढील दी गई। 

इसी ढील का नतीजा था  कि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान तक के श्रमिक चलकर गाजियाबाद पहुंच गए। अब लॉकडाउन 4.0 में जिले के रेड जोन में जाने के बाद बॉर्डर को सील करने का फैसला लिया गया। 

दिखाना होगा फ्लाइट व ट्रेन का टिकट 
अगर आप कहीं बाहर से आ रहे हैं या फिर आप कहीं बाहर जाना चाहते हैं तो इसके लिए ट्रेन या फ्लाइट का टिकट दिखाना होगा। उसके बाद आपको बॉर्डर पर आने-जाने की अनुमति दे दी जाएगी, लेकिन ऐसे लोग पहले से ऑनलाइन जाकर ई-पास भी बनवा सकते हैं। 

हां, इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि अगर आप किसी रेड जोन से आ रहे हैं या फिर जा रहे हैं तो ऐसी परिस्थिति में आवागमन की इजाजत नहीं होगी। 

जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने कहा कि दिल्ली सीमा पर ढील दिए जाने के बाद काफी लोगों की आवाजाही बढ़ गई थी, जबकि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली के रास्ते कोरोना का बड़ा खतरा है, जिसे देखते हुए बॉर्डर सील करने का फैसला लिया गया है। बाकी इमरजेंसी में जरूरी कागजात के साथ किसी को नहीं रोका जाएगा।
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