गौरतलब है कि इस तरह के अभियान का सुझाव रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने स्वच्छता पखवाड़े के दौरान दिया था। इसमें उन्होंने कहा था कि ट्रैक से कूड़ा व मलबा हटाने के लिए रात में कूड़ा स्पेशल ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। उनका सुझाव था कि इस स्पेशल ट्रेन के जरिए ट्रैक व आसपास फैले कूड़े-मलबे को इसमें भरा जाए। इस सुझाव के बाद ही उत्तर रेलवे ने मंगलवार यानी बापू के जन्मदिन पर इस अभियान की शुरुआत की।
इसके लिए रात 11:30 बजे से सुबह 2:50 तक ट्रैफिक ब्लॉक किया गया। डीआरएम आर एन सिंह ने कहा कि यह अभियान तब तक चलता रहेगा जब तक संबंधित एमसीडी कूड़े-मलबे को हटाने के लिए बुनियादी ढांचा विकसित नहीं करती।
कैसे चला अभियान
ट्रैक की सफाई के लिए और स्पेशल ट्रेन में कूड़ा भरने के लिए 4 जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया। यही नहीं 30 मजदूरों को भी इस काम में लगाया गया। इस दौरान 200 मीट्रिक टन यानी करीब 20 ट्रकों के बराबर कूड़ा निकाला गया जिससे स्पेशल ट्रेन की सभी बोगियां भर गईं। ट्रेन से सफाई के बाद यह कूड़ा संबंधित निगमों को भेजा दिया जाएगा।