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दिल्ली की सड़कों से हटेंगी 2500 से ज्यादा बसें!

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राज्य परिवहन प्राधिकरण ने राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में लगीं 16 हजार से ज्यादा बसों में से 2579 का परमिट कैंसल कर दिया है। कारण इन बसों के परमिट धारकों ने गलत पता देकर इसे हासिल किया था। बार-बार नोटिस जारी करने के बाद भी उन्होंने अपना सही पता प्राधिकरण को उपलब्ध नहीं कराया।
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दिल्ली परिवहन विभाग और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस जल्द ही इनके खिलाफ अभियान चलाएगी। दरअसल, 16 दिसंबर 2012 को वसंत कुंज सामूहिक दुष्कर्म मामले के बाद परिवहन विभाग ने सार्वजनिक बसों के खिलाफ अभियान चलाया था।

इसकी वजह घटना में जिस बस का इस्तेमाल हुआ था वह गलत पते पर दर्ज थी। परिवहन विभाग ने इससे सबक लेते हुए दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में लगी निजी बसों के पतों का वेरीफिकेश शुरू किया। यह जिम्मेवारी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को सौंपी गई।
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तो हो सकता है 16000 बसों का परमिट रद्द!

राज्य परिवहन प्राधिकरण ने घटना के एक महीने के बाद 18 जनवरी 2013 को पब्लिक नोटिस जारी करके सभी बसों (बस व मिनी बस) को सही पता उपलब्ध कराने के लिए कहा। ट्रैफिक पुलिस ने इसमें तेजी से कार्रवाई करते हुए मार्च 2013 में अपनी वेरीफिकेशन रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंप दी।

इस दौरान परिवहन विभाग ने टूरिस्ट ऑपरेटर्स और एसोसिएशन के साथ बैठक भी की। वेरीफिकेशन के दौरान पता चला कि राजधानी में परमिट पाने वाली 2783 बसों का परमिट गलत पता देकर हासिल किया गया है। इनमें 1447 बस और 1336 मिनी बस शामिल थीं।

इन्हें दोबारा मई 2014 में पब्लिक नोटिस जारी कर परमिट धारकों को पता बताने के लिए कहा गया। मगर समय देने के बाद भी इनमें से महज 204 परमिट धारकों ने सही पता उपलब्ध कराया। नतीजतन राज्य परिवहन प्राधिकरण ने इस संबंध में आदेश जारी कर इन बसों का परमिट कैंसल कर दिया है। जल्द ही इन पर कार्रवाई भी शुरू हो जाएगी।
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