दिल्ली सरकार जहां चाकू, छुरी बर्तन पर वैट 12.5 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया है। वहीं, अब घर से बाहर निकलकर होटल रहना, खाना, जिम, स्पा, क्लब या बैक्वेंट हॉल में मौज मस्ती करना महंगा कर दिया है।
सरकार ने यहां लगने वाले लग्जरी टैक्स को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है। हालांकि राहत वाली खबर यह है कि अभी भी 1000 तक के बिल पर पहले की ही तरह लग्जरी टैक्स तीन फीसदी ही लगेगा।
शनिवार से बढ़ा हुआ टैक्स लागू हो गया है। मगर गेस्ट हाउस होटल एसोसिएशन के लोगों ने बढ़ाए हुए टैक्स पर जो अधिसूचना जारी की उसमें दुविधा की स्थिति बनने की बात कही है।
नोटिफिकेशन पर दुविधा में गेस्ट हाउस
दिल्ली होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप खंडेलवाल ने बताया कि सरकार की ओर से जो अधिसूचना जारी की गई है उससे दुविधा वाली स्थिति है।
उन्होंने अधिसूचना में सिर्फ होटल लिखा गया है। मगर गेस्ट हाउस को भी यह टैक्स देना होगा। जबकि गेस्ट हाउस होटल की कैटेगरी में नहीं आते हैं।
उन्होंने कहा कि पहले हम होटल के कमरों का पहले से तय रेट पर ही टैक्स देते थे। मगर अधिसूचना में टर्नओवर पर टैक्स देने की बात कही गई है।
सरकार से बात करेगा एसोसिएशन!
उनके मुताबिक अब समझ में नहीं आ रहा कि टर्नओवर में क्या शामिल किया जाएगा। मसलन कोई होटल में रुकने वाला चाय, पानी या खाना मंगाता है तो वह बिल में जुड़ेगा तो उसपर भी लग्जरी टैक्स लागू होगा या नहीं।
पहाड़गंज के एक होटल संचालक दलजीत चड्ढा ने बताया कि लग्जरी टैक्स में सभी तरह के होटल, रेस्तरां और गेस्ट हाउस को शामिल किया गया है।
मगर अब भी 1000 से कम के बिल पर तीन फीसदी टैक्स पहले की ही तरह लग रहा है। अगर बिल 1000 से ज्यादा है तो शनिवार से उस पर 10 के बजाय 15 फीसदी लग्जरी टैक्स लगेगा।
एसोसिएशन ने कहा है कि सरकार की अधिसूचना में जो असमंजस वाली स्थिति हो उसे साफ करनी चाहिए। जल्द ही एसोसिएशन इस संबंध में से बातचीत भी करेंगे।