कोरोना महामारी के बीच राजधानी में ऑक्सीजन से जुड़े उपकरणों की कालाबाजारी बढ़ गई है। उत्तरी जिला एएटीएस और स्पेशल स्टाफ पुलिस ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर (ऑक्सीजन बनाने वाली छोटी मशीन) की कालाबाजारी करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 170 कंसंट्रेटर बरामद हुए हैं। बाजार में इनकी कीमत दो करोड़ बताई जा रही है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान विजय नगर, दिल्ली निवासी हिमांशु खुराना (26), शास्त्री नगर निवासी पवन मित्तल (26) और मॉडल टाउन निवासी दो सगे भाई हिमांशु हांडा (34) और आयुष हांडा (28) के रूप में हुई है। दोनों इस गैंग के साजिशकर्ता हैं। इनके पास से एक ऑडी और एक मर्सिडीज कार भी बरामद हुई है। आरोपी जरूरतमंद लोगों से कंसंट्रेटर के बदले 90 हजार से 1.10 लाख रुपये वसूल रहे थे।
उत्तरी जिला के पुलिस उपायुक्त एंटो अल्फोंस ने बताया कि पुलिस को ट्विटर पर सूचना मिली थी कि शास्त्री नगर के मित्तल स्टोर पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दोगुने दामों पर 95 हजार रुपये में मिल रहा है। इसके बाद जिले की एएटीएस और स्पेशल स्टाफ ने छानबीन शुरू कर दी। जांच के दौरान मित्तल स्टोर का एक मोबाइल नंबर मिला, जो किसी महिला के नाम पर रजिस्टर है।
उसकी जांच हुई तो बार-बार उसकी लोकेशन बदलने लगी। इस बीच पुलिस टीम ने आरोपी पवन मित्तल को बुधवार को दबोच लिया। उसके पास से दो कंसंट्रेटर मशीन बरामद हुई। आरोपी ने बताया कि वह हिमांशु खुराना से कंसंट्रेटर खरीदकर दोगुने दामों पर बेच रहा था। इसके बाद पुलिस ने हिमांशु खुराना को विजय नगर, दिल्ली से दबोच लिया।
वह सदर बाजार में बैग की दुकान चलाता था। हिमांशु ने बताया कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर वह मॉडल टाउन के दो भाई हिमांशु हांडा व आयुष हांडा से खरीदकर लाता है। दोनों भाई मेडिकल उपकरणों के बड़े विक्रेता हैं। दोनों कालाबाजारी कर महंगे दामों पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेच रहे हैं।
इसके बाद पुलिस ने मॉडल टाउन से दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने एक निर्माणाधीन बिल्डिंग से 168 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और एडोप्टर बरामद कर लिए। आयुष के पास से मर्सिडीज और हिमांशु के पास से कंपनी के नाम रजिस्टर ऑडी कार बरामद हुई है। इस बात का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में आरोपी कंसंट्रेटर कहां से लाए।