उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के पॉश इलाके कोहाट एन्क्लेव में मंगलवार को हुई बुजुर्ग दंपती की हत्या की गुत्थी से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। पुलिस ने बुधवार को दंपती के पूर्व सहायक अलीगंज, एटा (यूपी) निवासी रवि (27) को गिरफ्तार किया। दंपती ने खराब बर्ताव की वजह से कुछ समय पहले रवि को काम से निकाल दिया था।
उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि छानबीन के दौरान दंपती के पूर्व सहायक को उठाया गया। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में कॉल डिटेल से उसकी करतूत से पर्दा उठ गया। उसने वारदात में अपना हाथ होने की बात स्वीकार की।
रवि ने बताया कि नौकरी के दौरान भी वह लूटपाट करना चाहता था। लेकिन, हिम्मत नहीं जुटा पाया। उसे जब नौकरी से निकाल दिया गया तो उसने अपने बदले दीपक को काम पर रखवा दिया। रवि ने पूरे घर का नक्शा बनाकर दीपक को दिया। इसमें कीमती सामान की लोकेशन बताई गई। दीपक ने चार दिन के भीतर वारदात को अंजाम दिया। हालांकि उसने कहा कि उसे नहीं पता था कि दीपक दोनों की हत्या कर देगा।
छानबीन के दौरान पता चला कि दीपक उर्फ पंकज मंगोलपुरी में रहता है। इससे पूर्व वह सुलेमान नगर किराड़ी में रहता था। वहीं रवि उत्तम नगर के हस्तसाल में रह रहा था। दोनों एक-दूसरे के दोस्त हैं। रवि ने दीपक को वारदात के बाद सामान आधा-आधा बांटने की बात कही थी।
दंपती को नहीं बताया असली नाम
जांच में पुलिस को पता चला कि दंपती का पूर्व केयर टेकर विक्की है। उसकी सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकलवाने पर उसका असली नाम रवि पता चला। आरोपी ने बताया कि जानबूझकर उसने अपना असली नाम दंपती को नहीं बताया था। पुलिस इसके पीछे की वजह जानने का प्रयास कर रही है।
यह था मामला
मंगलवार सुबह कोहाट एन्क्लेव के मकान नंबर-317 में दूसरी मंजिल पर दंपती मोहिंदर सिंह और दलजीत के शव मिले थे। फ्लैट के ठीक बराबर वाली इमारत में इनके दो शादीशुदा बेटे रहते हैं। मोहिंदर सिंह को पार्किंसन की बीमारी थी। जिसकी वजह से उनको अटेंडेंट की जरूरत थी। मंगलवार सुबह करीब 9.30 बजे कारचालक भैरव कुमार फ्लैट पर पहुंचा तो दोनों की हत्या का खुलासा हुआ।