बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में जनजीवन पटरी पर लाने के प्रयास तेज
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पानी व गाद हटाकर स्थिति सामान्य की जा रही है। एमसीडी ने यहां से बाढ़ का पानी निकाल दिया है, अब सड़कों की सफाई हो रही है। नालों और जलभराव के स्रोतों, तटबंधों को मजबूत किया है। कमजोर तटबंधों पर बालू की बोरियां लगाई जा रही हैं। डब्ल्यूएचओ बिल्डिंग के सामने रिंग रोड, भैरो मार्ग सबवे, तैमूर नगर ड्रेन और अन्य प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकालकर सड़कों की सफाई हो रही है। हकीकत नगर में गलियों और बैक लेन में विशेष सफाई और फॉगिंग अभियान चलाया है। सुपर सकर मशीनों से किंग्सवे कैंप क्षेत्र में नालियों की सफाई और मुखर्जी नगर में डीडीए एसएफएस फ्लैट की सफाई की है।
भैरों मार्ग सबवे में यातायात सुचारू करने के लिए दो लोडरों द्वारा कैरिजवे से अतिरिक्त मिट्टी हटाई गई है। तीन जेटिंग मशीनें लगाकर सड़क पर फैले कीचड़ को हटाया जा रहा है। राजघाट से पानी निकालने के लिए पोर्टेबल पंप लगाए गए हैं। दयाल सिंह कॉलेज लोधी रोड पर 144 एचपी क्षमता के पंप लगाए गए हैं। बेला गांव, यमुना बेल्ट, मिलेनियम डिपो, रिंग रोड, हाफिज नगर, मूलचंद बस्ती, पुस्ता रोड, मदनपुर खादर में राहत शिविरों में सफाई की जा रही हैं। तैमूर नगर नाले पर पोकलेन मशीन लगाकर 300 मीट्रिक टन से ज्यादा गाद उठाई गई है। 50 मेनहोल और 200 प्रीकास्ट स्लैब बदले गए हैं।
आईटीओ की स्थिति सुधारने के लिए जद्दोजहद
आईटीओ पर सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। तटबंधों को मजबूत करने के लिए 1000 रेत की बोरियां आईटीओ साइट पर पहुंचाई गई हैं। यहां लगभग 100 वर्गमीटर सड़क की मरम्मत भी की गई है। ड्रेन नंबर 14 के टूटे तटबंध को रेत की बोरियां लगाकर ठीक किया है।
जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ा
बाढ प्रभावित इलाकों में जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। हैजा, टाइफाइड और डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए बेला गांव, राजघाट डीटीसी डिपो, बागड़ी कैंप शांति वन, गीता कॉलोनी फ्लाईओवर, जैतपुर कैंप, मदनपुर खादर, बटला हाउस स्कूल आदि में दवा का छिड़काव और फॉगिंग की गई है। एमसीडी ने राहत शिविरों पास 10 मोबाइल डिस्पेंसरियां स्थापित की हैं।