पुलिस के अनुसार, बहादुरगढ़ निवासी युवक ने बताया कि वह पेशे से सीए हैं। उसे गुरुग्राम में भी कार्यालय की आवश्यकता थी। इसके लिए उसने ऑनलाइन प्रॉपर्टी सर्च की थी। इसके बाद उसके व्हाट्सएप पर एक प्रॉपर्टी डीलर शिवम ने संपर्क करते हुए 29 मई को गुरुग्राम के एमजी रोड मेट्रो स्टेशन बुलाया। बारिश के कारण पहले तो उसने मना कर दिया, बाद में कई बार फोन करने के बाद गुरुग्राम आया।
मेट्रो स्टेशन से शिवम उन्हें अपने साथ कार में बैठाकर ले गया। रास्ते में शिवम ने उन्हें कुछ सुंघा दिया, इसके बाद वह होश खोने लगा। कुछ देर बाद वे बेहोश हो गए, उन्हें जब होश आया तो वह एक फ्लैट में निर्वस्त्र थे। इसके बाद दो युवक आए और उनके साथ मारपीट करने लगे। वहीं कुछ ही देर बाद शिवम आकर बोला कि उसने सीए की आपत्तिजनक वीडियो बना ली है।
आरोप है कि सीए से मारपीट के बाद उनके मोबाइल का लॉक खुलवाया और उसके नजदीकियों के मोबाइल नंबर ले लिए। इन नंबर पर उसकी आपत्तिजनक वीडियो को भेजने की धमकी देकर उससे लाखों रुपये ट्रांसफर कराए गए। रुपये देने के बाद शिवम ने अगले दिन उन्हें फोन करके कहा कि उसके पिता सिकंदर थाने में शिकायत देने जा रहे हैं। जिस फ्लैट में वह था उसमें से सामान गायब है। कुछ देर बाद एक व्यक्ति ने पुलिसकर्मी बनकर खुद को सतविंद्र बताकर उसके पास फोन किया। जिसने कहा कि उसके खिलाफ शिकायत है। इसमें उसे गिरफ्तार किया जाना है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने उन पर दबाव बनाया और रुपये ट्रांसफर करा लिए। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने उनकी मदद करने की बजाय उन पर दबाव बनाकर ब्लैकमेल किया। वहीं आरोपियों ने उनकी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उनसे करीब 10 लाख रुपये ट्रांसफर कराए हैं। ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर पीड़ित ने पुलिस के आला अधिकारियों को शिकायत दी। जिसके बाद डीएलएफ थाना पुलिस ने शिवम, सिकंदर और सतविंद्र के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
मामले की चल रही है जांच
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। अब तक की छानबीन में ऑन लाइन लोगों को ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस जल्द ही पूरे वारदात का खुलासा करने का दावा कर रही है। धरातल पर किसी का कोई कार्यालय नहीं मिला है।