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दिल्ली में गोरखधंधा: किराने की दुकान से पटाखों का सौदा, वॉट्सएप पर ऑर्डर और घर तक डिलीवरी; आड़ में कारोबार

Fri, 30 Oct 2026 01:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा सचिन कुमार, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं। कहीं दुकानों की आड़ में पटाखे बेचे जा रहे हैं, तो कहीं घरों से ही ग्राहकों तक पटाखे पहुंचाए जा रहे हैं।
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विस्तार
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किराने की दुकान पर पटाखों का सौदा, व्हाट्सएप पर ऑर्डर और घर तक डिलीवरी। दिल्ली में प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं। कहीं दुकानों की आड़ में पटाखे बेचे जा रहे हैं, तो कहीं घरों से ही ग्राहकों तक पटाखे पहुंचाए जा रहे हैं। इंस्टाग्राम, वॉट्सएप और टेलीग्राम के जरिये भी ग्राहकों से संपर्क किया जा रहा है। पटाखों की कीमत 200 रुपये से शुरू होकर 1800 रुपये से अधिक बताई जा रही है। फिल्मिस्तान, सदर बाजार, सादिक नगर, एंड्रयूज गंज, नाथू कॉलोनी, शालीमार बाग और त्रिलोकपुरी समेत दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में पटाखों की बिक्री हो रही है।

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किराने की दुकान की आड़ में पटाखों का कारोबार
एंड्रयूज गंज और त्रिलोकपुरी में किराने की दुकानों की आड़ में पटाखे बेचे जा रहे हैं। दुकानों पर रोजमर्रा के सामान के बीच पटाखों का भी सौदा हो रहा है। बड़े पटाखों की कीमत 500 से 2 हजार रुपये तक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इन दुकानों पर पटाखे खरीदने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। ग्राहक अपनी पसंद के पटाखे देखते हैं और कीमत पूछने के बाद सौदा तय करते हैं।

व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर ले रहे ऑर्डर
पटाखों की बिक्री का एक रास्ता ग्राहकों के फोन तक पहुंच गया है। सादिक नगर में वॉट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिये पटाखों के ऑर्डर लिए जा रहे हैं। ऑर्डर लेने के बाद पटाखे ग्राहकों के घरों तक भी पहुंचाए जा रहे हैं। मोबाइल पर संपर्क, पसंद के पटाखों का चुनाव, दाम तय करना और फिर घर पर डिलीवरी का पूरा सिलसिला फोन के जरिए चलता है। पटाखे खरीदने वाले क्रिश ने बताया कि व्हाट्सएप पर मैसेज करके उन्हें पटाखों की एक सूची भेजी गई थी। इसके बाद उन्होंने अपनी पसंद के पटाखे चुने। उनके अनुसार, भुगतान करने के चार दिन बाद पटाखे उनके घर पहुंच गए।
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पटाखे बेचने के लिए बनाए गए टेलीग्राम ग्रुप
पटाखे बेचने के लिए टेलीग्राम पर ग्रुप बनाए गए हैं। इन ग्रुप के जरिये ग्राहकों तक पटाखों की जानकारी और उनकी कीमतें पहुंचाई जा रही हैं। ग्राहक ग्रुप के माध्यम से पटाखों के बारे में पूछताछ कर सकते हैं और अपनी पसंद के मुताबिक ऑर्डर देने के लिए विक्रेता से संपर्क कर सकते हैं।

घरों से भी चल रहा कारोबार
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में पटाखों का सौदा घरों के भीतर से भी किया जा रहा है। यहां न दुकान का बोर्ड है और न ही खुले तौर पर बिक्री होती है। जानकारी के अनुसार, ग्राहक से संपर्क होने के बाद पटाखे घर से ही ग्राहक को बेचे जा रहे हैं। बाहर से सामान्य घर दिखने वाली जगहों पर भीतर पटाखों का सौदा होने से आसपास के लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगती। कुछ विक्रेता ग्राहकों को दुकान पर बुलाने के बजाय तय जगह से पटाखे दे रहे हैं।

रिपोर्टर और विक्रेता की वॉट्सएप पर बातचीत
रिपोर्टर:
पटाखे मिल जाएंगे?
विक्रेता: कहां से हो आप?
रिपोर्टर: शाहदरा से। आपकी दुकान पर आकर ले सकता हूं?
विक्रेता: प्रतिबंध के चलते दुकान पर पटाखे नहीं बेच रहे हैं। आपको चाहिए तो घर के पास से दे देंगे।
रिपोर्टर: दुकान पर नहीं मिलेंगे तो फिर कैसे मिलेंगे?
विक्रेता: वॉट्सएप या टेलीग्राम पर ऑर्डर दे दो। पटाखे घर तक पहुंच जाएंगे।
रिपोर्टर: कौन-कौन से पटाखे मिल जाएंगे और कितने के है
विक्रेता: अलग-अलग किस्म के पटाखे मिल जाएंगे। जो चाहिए, उसकी जानकारी व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर दे देना।

इसके बाद फोन पर हुई बातचीत में विक्रेता ने बताया कि ऑनलाइन भुगतान करने के बाद तीन से चार दिन में पटाखे घर पहुंचा दिए जाएंगे। टेलीग्राम पर भी विक्रेता पहले पटाखों की सूची भेजते हैं। ग्राहक अपनी पसंद बताता है और फिर ऑर्डर की बात आगे बढ़ती है। ज्यादातर बातचीत मैसेज के जरिए ही की जा रही है।

खुफिया मुखबिरों और अन्य संपर्कों के माध्यम से पटाखों से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी तरह की संलिप्तता सामने आने पर कार्रवाई की जा रही है।
-आकांक्षा यादव,डीसीपी उत्तर-पश्चिम जिला

सख्ती के बाद भी 10 टन से ज्यादा पटाखे जब्त
दिल्ली में पटाखों के अवैध भंडारण, निर्माण और सप्लाई पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध के बावजूद अक्तूबर में अब तक 14 मामलों में 10,327.915 किलो यानी 10.33 टन से अधिक पटाखे बरामद किए हैं। इन मामलों में 23 लोगों को गिरफ्तार किया है।

बरामदगी के आंकड़े बताते हैं कि राजधानी में अलग-अलग जगहों पर पटाखों का अवैध कारोबार फैला हुआ है। इतना ही नहीं रिहायशी इलाकों में पटाखों का भंडारण किया जा रहा है। ककरोला हाउसिंग कॉम्प्लेक्स, संगम विहार, त्रिलोकपुरी और नंद नगरी समेत कई जगहों पर घरों या आवासीय परिसरों से पटाखे बरामद किए गए। त्रिलोकपुरी में पहले 47.700 किलो पटाखे मिले, जिसके बाद आरोपी की निशानदेही पर उसके घर से 659.675 किलो और बरामद हुए। यहां कुल बरामदगी 707.375 किलो रही।

अवैध और प्रतिबंधित पटाखों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। हम लगातार गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। यदि कोई व्यक्ति अवैध पटाखों के कारोबार में किसी भी तरह से संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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-शोभित डी सक्सेना, जिला पुलिस उपायुक्त

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