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आप के सातवें MLA को हो सकती है रंगदारी वसूलने के लिए जेल

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आम आदमी पार्टी के लिए मंगलवार का दिन बुरी खबर लाया है। अब उनके सातवें विधायक पर गिरफ्तारी के बादल मंडरा रहे हैं। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के विधायक और 2 अन्य लोगों के खिलाफ कथित तौर पर रंगदारी वसूलने का मामला दर्ज किया गया है।
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गौरतलब है कि शनिवार को दिल्ली के करोल बाग के आप विधायक विशेष रवि के खिलाफ रंगदारी, धमकी देने और आपराधिक साजिश करने का मामला दर्ज किया गया है। मालूम हो कि इस सिलसिले में ट्रायल कोर्ट ने फैसला दिया था। जिसपर अमल करते हुए पुलिस ने शिकायत दर्ज की।

बता दें कि पुलिस ने विशेष रवि पर जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है वो सभी गैर-जमानती हैं। कहा तो ये भी जा रहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो आरोपी विधायक और अन्य दोनों आरोपियों को हिरासत में भी लिया जा सकता है।
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2015 का है मामला

दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने इस संबंध में शुक्रवार को फैसला दिया था। बता दें कि कोऑपरेटिव अरबन थ्रिफ्ट ऐंड क्रेडिट सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष राज कुमार शर्मा द्वारा की गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए ट्रायल कोर्ट ने पुलिस को आरोपियों के‌ खिलाफ केस दर्ज करने का निर्देश दिया था।

राज कुमार शर्मा ने आरोप लगाया था कि उनके दो परिचित विजय चावला व विरेंद्र अग्रवाल आप कार्यकर्ता हैं। शर्मा का कहना है कि चावला व अग्रवाल ने फरवरी 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय आप को 10 लाख रुपए चंदा देने के लिए राजी कर लिया था।

शर्मा का कहना है कि उनके दोनों परिच‌ितों ने ये काम विशेष रवि के कहने पर किया। शर्मा के वकील ने बताया कि पहले तो चंदा देने के लिए शर्मा राजी हो गए थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपना मन बदल लिया। अपने बैंक को जारी चेकों की रकम पास करने के लिए भी मना कर दिया था और चावला व अग्रवाल को भी इसकी जानकारी दी थी।
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चंदा न मिलने पर MLA ने दर्ज कराई थी झूठी शिकायत

शर्मा ने आरोप लगाया है कि चंदा देने से इंकार करने पर रवि, चावला व अग्रवाल ने उन्हें काफी परेशान किया और अंजाम भुगतने की भी धमकी दी। शर्मा के वकील के अनुसार इन तीनों आरोपियों के खिलाफ पहाड़गंज पुलिस थाने में 11 मई 2015 को शिकायत दर्ज हुई थी।

विशेष रवि के ऊपर तो ये भी आरोप है कि चंदा न मिलने से बौखलाए रवि ने शर्मा के खिलाफ रजिस्ट्रार ऑफ कोऑप‌रेटिव सोसायटीज में एक झूठी शिकायत भी दर्ज करवाई।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि, 'इस मामले में सभी प्रवादियों की सहभागिता और उनकी सांठ-गांठ से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस मामले में विस्तार से पूरी जांच किए जाने की जरूरत है।'
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