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छात्रा ने मां व बुआ संग मिलकर बुजुर्ग को सरेआम बेरहमी से पीटा

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रविवार की देर रात 51 वर्षीय राम भरोसे के शरीर से बुरी तरह खून बह रहा था और वह सड़क पर मदद की गुहार लगा रहे थे। असल में उन पर तीन महिलाओं ने बुरी तरह हमला कर दिया था।
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राम भरोसे अपनी होंडा सिविक सेडान कार से गुड़गांव से दिल्ली आ रहे थे। शंकर रोड पर अचानक एक स्कूटी उनकी कार के सामने आ गई जिसे उनकी कार से टक्कर लग गई।

स्कूटी सोनिया नामक एक छात्रा चला रही थी जबकि पीछे उसकी आंटी सवार थीं। कार से टकराने के कारण स्कूटी सवार दोनों महिलाएं सड़क पर गिर पड़ीं।

लगातार आधे घंटे तक की बुजुर्ग की पिटाई

गौरतलब है कि गिरते ही दोनों महिलाओं ने कार चालक राम भरोसे को भला-बुरा कहना शुरु कर दिया। इसी बीच ऑटो से एक और महिला वहां पहुंच गई जो कार चालक सोनिया की मां बताई जाती हैं।

तीनों महिलाओं ने कार के दरवाजे को पीटना शुरु कर दिया। राम भरोसे ने जैसे ही कार का दरवाजा खोला उन पर तीनों महिलाओं ने हमला कर दिया। तीनों महिलाएं लगभग आधे घंटे तक लगातार राम भरोसे को बेरहमी से पीटती रहीं।

इस बीच बाइक सवार दो लागों ने इस मारपीट को देख अपनी गाड़ी रोकी और राम भरोसे को बचाने की कोशिश की लेकिन वह कुछ नहीं कर सके। आखिर उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दे दी।

जो गया बचाने उसके साथ भी हुआ दुर्व्यवहार

पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही राम भरोसे को हिरासत में ले लिया और उनके खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने की एफआईआर दर्ज कर ली।

राम भरोसे ने बाद में अंग्रेजी अखबार डेली मेल को बताया कि वह अपने बॉस की बेटी को गुड़गांव में छोड़कर वापस आ रहे थे कि अचानक उनके कार से एक स्कूटी की टक्कर हो गई।

इसके बाद उन दोनों महिलाओं और बाद में पहुंची एक महिला ने राम भरोसे पर हमला कर दिया और आधे घंटे तक उन्हें लगातार पीटती रहीं। उनके शरीर पर एक दर्जन से ज्यादा चोट के निशान लगे।
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पुलिस और डॉक्टर की उपस्थिति में दी पीड़ित को धमकी

राम भरोसे के मुताबिक रास्ते से गुजरने वाले दो बाइक सवार ने जब उन्हें बचाने की कोशिश की तो तीनों महिलाओं ने उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया और उन्हें धकेल दिया। पुलिस का कहना है कि मंदिर मार्ग थाने में दो एफआईआर दर्ज की गई है और दोनों की जांच जारी है।

पुलिस ने लापरवाही से कार चलाने के आरोपी राम भरोसे को तो तुरंत ही गिरफ्तार कर लिया लेकिन उन पर हमला करने वाली महिलाओं के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई है।

हालांकि पुलिस का कहना है कि घटना की जानकारी के बाद उन्होंने महिलाओं के खिलाफ भी आईपीसी की धारा 323, 341 और 34 के अधीन एफआईआर दर्ज की गई है।

हालांकि इस मामले में जांच करने वाले पुलिस अधिकारी का कहना है कि जब उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया तो महिलाओं के परिजन भी वहां पहुंच गए।

आरएमएल अस्पताल में पुलिस और डाक्टर की उपस्थिती में महिलाओं ने राम भरोसे को धमकी दी। जबकि डाक्टर ने जांच अधिकारी को बताया कि राम भरोसे के शरीर पर चोट के कई निशान हैं जबकि महिलाओं को कोई चोट नहीं लगी है। रामभरोसे का ये भी कहना है कि महिलाओं ने हेलमेट भी नहीं लगाया था।
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