पुलिस को गुरुवार दोपहर सूचना मिली कि 30 से 40 किसानों का जत्था सिंघु बॉर्डर के पास स्थित गांव से अपनी गाडियों से दिल्ली में प्रवेश कर गए हैं। सूचना मिलते ही मुकरबा चौक पर भारी पुलिस बल का जमाबड़ा लग गया।
तीनों कृषि कानूनों की वापसी को अपनी जीत मानते हुए किसानों का एक जत्था बृहस्पतिवार को सिंघु बॉर्डर से गुरुद्वारा बंगला साहिब के लिए रवाना हुआ। किसानों का कहना था कि एक साल से आंदोलन के बाद वह बंगला साहिब पर मत्था टेकने जा रहे थे।
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अपने वाहनों से भारी संख्या में दिल्ली की ओर आ रहे किसानों की जानकारी मिलने पर पुलिस ने उन्हें मुकरबा चौक पर बेरीकेड लगाकर रोक दिया। बातचीत के बाद पुलिस ने उन किसानों को अपनी सुरक्षा में बसों में बिठाकर बंगला साहिब गुरुद्वारा पहुंचाया। बाद में उन्हें वापस छोड़ दिया गया।
पुलिस को बृहस्पतिवार दोपहर सूचना मिली कि 30 से 40 किसानों का जत्था सिंघु बॉर्डर के पास स्थित गांव से अपनी गाडियों से दिल्ली में प्रवेश कर गए हैं। सूचना मिलते ही मुकरबा चौक पर भारी पुलिस बल का जमाबड़ा लग गया। पुलिस ने वहां बेरीकेड लगा दिया।
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पुलिस वहां पहुंचे किसानों के जत्थे को रोक लिया। सड़क पर बेरीकेड लगाने से वहां लंबा जाम लग गया। पुलिस अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की। जिसमें पता चला कि जत्था मत्था टेकने के लिए बंगला साहिब गुरुद्वारा जाना चाहता है। उसके बाद पुलिस ने उन्हें जाने की अनुमति दे दी।
पुलिस अधिकारियों ने किसानों की गाड़ियों को वहीं रोक लिया और किसानों के लिए बस का इंतजाम किया। उसके बाद सभी किसानों को बसों में बिठाकर उन्हें बंगला साहिब गुरुद्वारा लाया गया। मत्था टेकने के बाद सभी को वापस मुकरबा चौक पर लाकर उनके वाहनों के जरिए वापस भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वापसी के दौरान किसानों ने पुलिसकर्मियों को प्रसाद भी दिया।