सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया
नई आबकारी नीति मामले में आखिर होल सेल प्रॉफिट का मार्जिन 5 से 12 फीसदी बढ़ाने की ज़रूरत क्या थी? इस बारे में कोई अध्ययन के आधार के बिना ही ऐसा फैसला क्यों ले लिया गया? जब कोविड की दूसरी लहर पूरी पीक पर थी, तब ऐसी क्या जल्दबाज़ी थी कि संसोधित आबकारी नीति के लिए एक दिन के अंदर ही सर्कुलेशन के जरिए कैबिनेट की मंजूरी हासिल की गई? यह तब हुआ जब साउथ लॉबी के लोग दिल्ली में ही मौजूद थे और विजय नायर के साथ मीटिंग कर रहे थे।
केजरीवाल से विजय नायर की शराब कारोबारियों के साथ मीटिंग और आबकारी नीति में मनमाफिक बदलाव की एवज में जब रिश्वत की मांग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसका भी कोई सीधा जवाब नहीं दिया। मंगूटा रेड्डी, अर्जुन पांडे और मूथा गौतम के साथ अपनी मुलाकात को लेकर भी उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। गोवा में चुनाव प्रचार के दौरान आप द्वारा 44.54 करोड़ के इस्तेमाल को लेकर पूछे गए सवाल को लेकर भी उन्होने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। अभी जांच जारी है, जांच अहम मोड़ पर है। कुछ अहम गवाहों के बयान दर्ज होने है। कुछ अहम डिजिटल सबूत अभी इकट्ठा होने बाकी है। इसलिए केजरीवाल को जेल भेजा जाए।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा..
राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा कि जांच कैसे हो, ये तय करना एजेंसी का विशेष अधिकार है। जो तथ्य कोर्ट के सामने रखे है उसके मद्देनजर ये नहीं कहा जा सकता कि गिरफ्तारी गैरकानूनी है। हालांकि सीबीआई को 'अति उत्साही' भी नहीं होना चाहिए। केस के तथ्य, आरोपी (केजरीवाल) की बताई गई भूमिका, सबूत से आमना सामना कराने की ज़रूरत के मद्देनजर केजरीवाल की रिमांड वाली CBI की मांग मंजूर की जाती है। केजरीवाल तीन दिन सीबीआई की कस्टडी में रहेंगे। 29 जून को शाम 7 बजे से पहले उन्हें कोर्ट में CBI पेश करेगी। CBI हिरासत के दौरान उन्हें घर का बना खाना, डॉक्टरों की बताई दवा, ग्लूकोमीटर की इजाजत दी गई।