वॉयस ऑफ एक्स सर्विसमैन सोसायटी के बैनर तले रविवार को जंतर-मंतर पर एक बार फिर पूर्व सैनिक केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। सोसायटी का आरोप है कि वन रैंक-वन पेंशन लागू करवाकर सैन्य अधिकारियों ने अपनी पेंशन में अच्छी खासी बढ़ोतरी करवा ली, लेकिन पूर्व सैनिकों को इससे कुछ खास फायदा नहीं हुआ। इसके विरोध में जंतर-मंतर पर गर्जना रैली करने जा रहे हैं।
सोसायटी के संयोजक वीर बहादुर सिंह के मुताबिक, जेसीओ रैंक तक के जवानों का सैन्य बल में 97 फीसदी हिस्सा है, लेकिन सरकार के साथ बातचीत में अधिकारी ही भाग लेते हैं। फिर, राज्यों के सैनिक कल्याण बोर्ड व जिला सैनिक कल्याण समिति में भी सेना के जवान व जेसीओ शामिल नहीं होते। ऐसे में जमीनी स्तर पर काम करने वाले सैनिकों की आवाज सरकार तक नहीं पहुंच पाती। इसके लिए पूर्व सैनिक रविवार को जंतर-मंतर पर गर्जना रैली में अपनी आवाज उठाएंगे।
सोसायटी की मांग है कि वन रैंक-वन पेंशन में जेसीओ व जवान रैंक से संबंधित विसंगतियों को दूर किया जाए। मिलिट्री सर्विस पे सभी रैंक को समान रूप से मिले। सैनिक प्रतिष्ठानों में पूर्व सैनिकों के साथ बिना रैंक का भेदभाव किए समान सुविधाएं दी जाए। सेना में सेवादारी प्रथा खत्म होने के साथ सभी रैंक को एक समान डिसएबिलिटी पेंशन व शहीद की विधवा को एक दर से पेंशन दी जाए।
वीर बहादुर सिंह का दावा है कि गर्जना रैली में दिल्ली के साथ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब समेत दूसरे राज्यों के पूर्व सैनिक हिस्सा लेंगे।