इस बात पर गुस्साए देवराज ने प्रियांशु के सिर पर छुरा से ताबड़तोड़ वार करने लगा और तब तक हमला करता रहा जब तक वह बेहोश होकर गिर नहीं गया। प्रियांशु को मरा हुआ समझकर आरोपी वहां से फरार हो गया।
कुछ देर बाद प्रियांशु के पड़ोसी रामसिंह ने उसे बेहोश देखकर उसके पिता को फोन किया और घटना की जानकारी दी। परिवार वाले मौके पर पहुंचकर प्रियांशु को अस्पताल में भर्ती कराया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अस्पताल पहुंचकर प्रियांशु का बयान दर्ज किया।
पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और आरोपी को ढिचाऊं इलाके से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी उस समय दिल्ली से भागने का प्रयास कर रहा था।