मंगलवार को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में आप ने ऐतिहासिक प्रदर्शन दोहराते हुए 70 में से 62 सीटें हासिल कीं। 2015 के मुकाबले भाजपा इस बार पांच सीटों का इजाफा कर महज आठ सीटें ही जीत पाई। आप का प्रदर्शन कई मायनों में जबरदस्त रहा। शाहीन बाग के शोर के बीच पार्टी को मुस्लिम बहुल इलाकों में जबरदस्त समर्थन मिला। इसबार आप से पांच मुस्लिम उम्मीदवार जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।
आप ने मटिया महल, सीलमपुर, ओखला, बल्लीमारान और मुस्तफाबाद से मुस्लिम समाज के प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था। सभी पांचों मुस्लिम उम्मीदवार बड़े अंतर से जीते। वहीं, कांग्रेस ने भी इन पांचों सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे। लेकिन सभी की जमानत जब्त हो गई।
ओखला
ओखला से आप उम्मीदवार अमानतुल्लाह खान ने 1,20,660 (70.64 प्रतिशत) वोट हासिल किए। उन्होंने भाजपा के ब्रह्म सिंह को लगभग 70,000 मतों से हराया। इसी सीट से कांग्रेस के टिकट पर चार बार विधानसभा पहुंचे परवेज हाशमी को महज 4,575 (2.68 फीसदी) वोट मिले।
सीलमपुर
सीलमपुर सीट पर आप के प्रत्याशी अब्दुल रहमान ने 72,694 (56.05 फीसदी) वोट हासिल करते हुए भाजपा के कौशल कुमार मिश्रा से 36,920 वोटों से हराया। वहीं, 1993 से लगातार 2015 तक विधायक रहे कांग्रेस के उम्मीदवार चौधरी मतीन अहमद तीसरे नंबर पर रहे। उन्हें 20,247 (15.61 प्रतिशत) वोट मिले।
बल्लीमारान
दिल्ली सरकार में मंत्री और बल्लीमारान से आप उम्मीदवार इमरान हुसैन को भी मुस्लिम मतदाताओं का पूरा साथ मिला। शीला दीक्षित सरकार में मंत्री रहे हारून यूसुफ तीसरे नंबर पर रहे। इमरान हुसैन को 65,644 (64.65 फीसदी) वोट मिले। उन्होंने भाजपा की लता को 36,172 वोटों के अंतर से हराया। 1993 से 2015 तक इसी सीट से विधायक रहे यूसुफ को सिर्फ 4,802 (4.73 प्रतिशत) वोट मिले।
मुस्तफाबाद
इसबार भाजपा ने मुस्तफाबाद विधानसभा सीट गंवा दी। यहां से आप उम्मीदवार हाजी युनूस ने जीत दर्ज की। पिछली बार यहां से भाजपा के जगदीश प्रधान जीते थे। युनूस को 98,850 (53.2 प्रतिशत) वोट मिले। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार प्रधान को 20 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। इस सीट से 2008 और 2013 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीतने वाले हसन अहमद के बेटे अली महदी को 5,363 (2.89 प्रतिशत) वोट मिले।
मटिया महल
इसी तरह मटिया महल सीट से आप उम्मीदवार शोएब इकबाल ने जीत हासिल की। उन्हें 67,282 (75.96 प्रतिशत) वोट मिले। चुनाव से ठीक पहले पार्टी में शामिल हुए इकबाल ने भाजपा के रविंद्र गुप्ता को 50,241 मतों से हराया।