राजधानी के विधानसभा चुनावों में कुछ क्षेत्र विशेष रुचि और चर्चा के केंद्र में रहते हैं। यह न केवल उनके ऐतिहासिक मतदान पैटर्न के कारण है, बल्कि उनकी राजनीतिक प्रवृत्ति भी अलग है। राजधानी के 12 विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता वर्ष 1993 से हर चुनाव में सत्तारूढ़ दल के उम्मीदवार को जिताने का सिलसिला बनाए हुए हैं।
लिहाजा ये क्षेत्र बेलवेदर क्षेत्र (सत्तापक्ष का संकेत देने वाले क्षेत्र) कहे जाते हैं। तिमारपुर, मॉडन टाउन, सदर बाजार, पटेल नगर, मादीपुर, मालवीय नगर, पटपड़गंज और सीमापुरी क्षेत्र 1993 से सत्तापक्ष की सरकार के उम्मीदवार को जिताते आ रहे हैं।
इनके अलावा, 2008 में अस्तित्व में आए विकासपुरी, नई दिल्ली, देवली और कोंडली ने भी यही परंपरा निभाई। इन क्षेत्रों के मतदाताओं ने वर्ष 1993 में भाजपा और 1998, 2003 व 2008 में कांग्रेस की सरकार बनाने में भूमिका निभाई, वहीं 2013, 2015 व 2020 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनवाने में भूमिका रही।
2025 के चुनाव में परंपरा कायम रहेगी
आगामी चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इन क्षेत्रों के मतदाता सत्तापक्ष के उम्मीदवार को समर्थन देकर परंपरा जारी रखते हैं या कोई नया रुझान देते हैं। लिहाजा इस बारे में आठ फरवरी को आने वाले चुनाव परिणाम के बाद मालूम होगा।