दिल्ली चुनाव की सियासत में बीते करीब दो महीनों में रेवड़ियों की बाढ़ से मैली यमुना तक सियासी तरकश से तीरों की बौछार हुई। दिल्ली चुनाव की सियासत बीते दो महीने में कई करवट बदलती रही। नए-नए मुद्दे शामिल होते रहे।
सत्ता संग्राम का शोर थमने के बाद अब दिल्ली की सियासी फिजां में वह मुद्दे तैर रहे हैं, जिनके इर्द-गिर्द बीते करीब दो महीनों में सियासी बिसात बिछाई गई। पहली चाल फ्री बीज से चली गई थी। वह वोट घोटाले से होती हुई मैली यमुना पर आ टिकी है।
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इस बीच सबके सियासी तरकश से एक से बढ़कर एक तीर निकले। एक-दूसरे को चित करने के लिए निजी हमले भी खूब हुए। इसमें कई जरूरी मसले दबे भी रहे। अब बारी फैसले की है। अब निर्णायक घड़ी में जिसके हक में अधिक ईवीएम का बटन दबेगा वही दिल्ली का अगला सिकंदर होगा। एक महीने में ट्रेंड तय करने वाले बड़े मुद्दों पर एक रिपोर्ट-
1. फ्री बीज पर तीनों दलों में मची होड़
चुनाव अभियान शुरू होने के साथ आप, भाजपा व कांग्रेस में इस मसले पर होड़ लगी है। महिलाओं को सम्मान राशि देने की योजना पर तीनों एक पिच पर हैं। फर्क इतना है कि आप 2100 रुपये देने की बात कर रही है, भाजपा और कांग्रेस 2500 रुपये। फ्री बस यात्रा, सस्ती बिजली, मुफ्त पानी समेत पहले से चली आ रही योजनाओं को जारी रखने पर सभी राजी हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य समेत सामाजिक कल्याण से जुड़ी दूसरी योजनाएं भी कमोवेश तीनों दलों की एक जैसी हैं।
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2. वोट घोटाले पर भाजपा आप में तकरार
मतदाता सूची में वोट जुड़वाने व कटवाने पर आप व भाजपा में तीखी तकरार रही। भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के संसद में रोहिंग्या व बांग्लादेशी वोटर बने होने से शुरू हुआ विवाद चुनाव आयोग तक पहुंचा। पहले आप ने इस बयान को पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले मतदाताओं के खिलाफ बताया। बाद में यूपी व बिहार के फर्जी वोट बनने से जुड़े केजरीवाल के बयान को भाजपा ने पूर्वांचल विरोधी करार दिया।
3. कानून व्यवस्था पर भिड़ीं आप-भाजपा
दिसंबर से आप के इस मसले को उठाने, अपराधियों के निशाने पर आए पीड़ितों के घर केजरीवाल के जाने से कानून व्यवस्था पर शुरू हुई बहस जारी है। केजरीवाल कार्यकर्ताओं से मारपीट, प्रचार न करने देने, शराब व पैसा बांटने के आरोप लगा शाह पर सवाल उठा रहे हैं। भाजपा व कांग्रेस ने भी पंजाब के वाहनों से वोटरों काे प्रभावित करने के लिए शराब-पैसा बांटने का आरोप लगाया।
4. भ्रष्टाचार पर एक-दूसरे पर वार
कथित शराब घोटाले में जेल से बाहर निकल चुनावी अभियान को धार दे रहे आप नेताओं को विपक्ष ने भ्रष्टाचार पर भी घेरा। हालांकि, शराब घोटाले से ज्यादा बात सीएम आवास पर हुई। आप ने भी प्रधानमंत्री आवास का मसला उठाया।
5. मैली यमुना पर आकर टिकी बात
दो महीनों से अलग-अलग मुद्दों के बीच घूमती राजनीति बीते 15 दिनों से यमुना पर आकर टिक गई है। केजरीवाल ने इस काम को पूरा न कर पाने की बात स्वीकार करते हुए तीन साल का और वक्त मांगा है जबकि भाजपा व कांग्रेस लगातार केजरीवाल को कटघरे में खड़ा कर रही हैं।
दिल्ली की शासनिक व्यवस्था लोगों की नजर में बड़ा इश्यू है। लोगों की ज्यादातर समस्याओं के मूल में यही हैं। इसका फर्क एनडीएमसी और इससे बाहर की दिल्ली में सरेराह दिख जाता है। लुटियन की दिल्ली तुलनात्मक रूप से बाकी की दिल्ली से हर मामले में बेहतर है। बात चाहे बुनियादी ढांचे की हो या नियम कायदे लागू करने की। सफाई, सीवर, पानी, बिजली जैसी सुविधाओं में भी यह दिख जाता है। -प्रो. चंद्रचूड़ सिंह, राजनीतिक विश्लेषक और प्रो. राजनीति विज्ञान विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय