दरअसल चांदनी चौक विधानसभा दिल्ली का सबसे पुराना इलाका है। ये दिल्ली की सियासत का प्रमुख केंद्र माना जाता है। 1952 में पहली बार यहां से कांग्रेस के युद्धवीर सिंह ने जीत हासिल की। तब से लेकर अब तक एक-एक बार भाजपा और आप तो कांग्रेस के चार बार विधायक रह चुके हैं। प्रहलाद सिंह साहनी 1998 से 2015 तक 17 साल यहां से विधायक रहे थे। इस बार सबसे अलग है यहां का चुनाव
चांदनी चौक सीट से इस बार चुनाव पूरी दिल्ली में सबसे अलग है। चार विधानसभा क्षेत्रों से जीतने वाले प्रहलाद सिंह साहनी कांग्रेस छोड़ आम आदमी पार्टी में आ चुके हैं। जबकि वर्तमान विधायक अलका लांबा आप को छोड़ कांग्रेस में आ चुकी हैं। दोनों ही नेताओं ने 2015 में पुरानी पार्टियों से चुनाव लड़ा था। इस बार फिर इनके बीच टक्कर है, लेकिन फर्क सबसे बड़ा यही है कि दोनों का दल बदल चुका है। भाजपा के सुमन कुमार गुप्ता पिछली बार भी मैदान में थे और इस बार भी हैं।
इनमें सीधी टक्कर
प्रत्याशी पार्टी
अलका लांबा कांग्रेस
सुमन कुमार गुप्ता भाजपा
प्रहलाद सिंह आप
2015 का विधानसभा चुनाव
पार्टी प्रत्याशी वोट फायदा/नुकसान
आप अलका लांबा 36756 +27.39
भाजपा सुमन कुमार गुप्ता 18469 -1.16
कांग्रेस प्रहलाद सिंह 17,930 -13.70
चांदनी चौक सीट: मतदाता
लोकसभा क्षेत्र: चांदनी चौक
पुरुष 62,723
महिला 51,055
ट्रांसजेंडर 06
कुल मतदाता 1,13,784
जातिगत समीकरण
मुस्लिम- 20 फीसदी
पंजाबी- 17 फीसदी
वैश्य- 15 फीसदी
एससी- 17 फीसदी
ओबीसी- 9 फीसदी
सामान्य व अन्य- 07 फीसदी
ब्राह्मण- 03 फीसदी
पूर्वांचली सहित अन्य- 12 फीसदी
(नोट : जातीय आंकड़ें-राजनीतिक पार्टियां, अन्य सभी आंकड़ें चुनाव कार्यालय के आधार पर)