तथाकथित घोटाले की जांच में 500 से अधिक अधिकारी लगाए
आतिशी ने कहा कि पिछले एक साल से भाजपा के प्रवक्ता बार-बार दिल्ली में शराब घोटाला होने का आरोप लगा रहे हैं। भाजपा के प्रवक्ता तथाकथित शराब घोटाले में जो आरोप लगाते आ रहे हैं, वही आरोप सीबीआई-ईडी की चार्जशीट में आ गए। छह महीने से ज्यादा समय से सीबीआई-ईडी जांच कर रही हैं। इस तथाकथित शराब घोटाले की जांच में 500 से अधिक अधिकारी लगाए गए हैं, लेकिन इन्हें एक भी सबूत नहीं मिला है, क्योंकि ऐसा कोई घोटाला ही नहीं हुआ है।
आतिशी ने कहा कि ईडी की कहानी 100 करोड़ रुपये से शुरू हुई थी। हालांकि, यह 100 करोड़ रुपये की राशि आने के स्रोत के बारे में स्पष्ट नहीं है, क्योंकि ईडी ने अपनी चार्जशीट में सिर्फ 30 करोड़ रुपये की बात कही है। ईडी के अनुसार ये 30 करोड़ रुपये तथाकथित तौर पर किकबैक के रूप में आए। इसको लेकर ईडी का आरोप है कि राजेश जोशी के माध्यम से 30 करोड़ रुपये दिल्ली आए और फिर उन्होंने ही इस पैसे को दिल्ली से गोवा पहुंचाया। उन्होंने 30 करोड़ रुपये की कहानी का खुलासा करते हुए कहा कि कोर्ट के आदेश पैरा संख्या 44 में इस तथ्य को साबित करने या पुष्टि करने के लिए जांच एजेंसी की ओर से कोई साक्ष्य नहीं देने की बात सामने आई है।
केजरीवाल का ट्वीट-केवल आप को बदनाम करना मकसद
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि अब कोर्ट ने शराब घोटाले के मामले में रिश्वत या मनी लॉन्ड्रिंग का कोई ठोस सबूत नहीं होने की बात कही है। हम तो शुरू से ही कह रहे हैं कि पूरा घोटाला फर्जी है और इसका मकसद केवल आप को बदनाम करना है।