कुछ संस्थानों के 100% दावे फर्जी थे
जांच में पाया गया कि कई दावे बिना दस्तावेजों, हस्ताक्षरों के किए गए, और कुछ संस्थानों के 100% दावे फर्जी थे। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) अब इन अनियमितताओं की गहन जांच करेगी, जिससे सच सामने आएगा। AAP को दलित बच्चों के हक पर डाका डालने और बाबासाहेब के नाम पर भ्रष्टाचार के लिए जवाब देना होगा। पार्टी ने दलितों के नाम पर राजनीतिक दिखावा किया, लेकिन जिम्मेदारी निभाने में उनके अधिकारों का हनन किया। जल्द ही जनता के सामने AAP का असली चेहरा उजागर होगा।
एंटी करप्शन ब्यूरो से जांच कराने का निर्णय लिया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर एंटी करप्शन ब्यूरो से जांच कराने का निर्णय लिया है। जल्द ही आम आदमी पार्टी के सारे शीर्ष नेता फिर से जेल जाएंगे। एससी, एसटी मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने कहा कि इसमें करी 35 इंस्टीट्यूट इन्वॉल्व हैं। उन्होंने कहा कि दलित और पिछड़े समाज के बच्चों के साथ जो कुकृत्य आम आदमी पार्टी ने किया है, जल्द ही एसीबी की जांच में यह सामने आ जाएगा। इसमें आम आदमी पार्टी के सभी शीर्ष नेता जेल जाएंगे।
भुगतान कोरोना काल में बच्चों को पढ़ाने के नाम पर किया गया
दिल्ली सरकार के वरिष्ठ मंत्री आशीष सूद ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने अंबेडकर के नाम से 2018 में शुरू हुई एक छात्रवृत्ति योजना (जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना) में 145 करोड़ रुपये का घोटाला किया था। इसके अंतर्गत 'फर्जी छात्रों' को विभिन्न कोचिंग संस्थानों में पढ़ाने के नाम पर कोचिंग संस्थानों को 145 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। यह भुगतान उस कोरोना काल में बच्चों को पढ़ाने के नाम पर किया गया जब कोई भी व्यक्ति अपने घर से बाहर नहीं निकल रहा था और सभी शिक्षण संस्थान बंद थे। सरकार की पूछताछ में ये कोचिंग संस्थान भी छात्रों की कोई जानकारी देने में असमर्थ रहे हैं। इस घोटाले की एसीबी से जांच कराने की शुरुआत कर दी गई है। इसे उपराज्यपाल की सहमति मिल चुकी है। इससे आम आदमी पार्टी की सरकार में एक नया घोटाला सामने आ सकता है।
इस योजना के लिए केवल 15 करोड़ रुपये ही निर्धारित किये गए थे
दिल्ली सरकार के वरिष्ठ मंत्री आशीष सूद ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने 2018 में संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर छात्रवृत्ति देने की एक योजना शुरू की थी। इसके अंतर्गत छात्रों को विभिन्न कोचिंग संस्थानों में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग दिलाने की योजना बनाई थ, लेकिन जब कोविड काल में कोई छात्र कोचिंग नहीं जा रहा था, उस समय भी बच्चों को पढ़ाने के नाम पर विभिन्न कोचिंग संस्थानों को 145 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। शुरुआत में इस योजना के लिए केवल 15 करोड़ रुपये ही निर्धारित किये गए थे, लेकिन आरोप है कि इसे बढ़ाकर 145 करोड़ करके एक घोटाले को अंजाम दिया गया।
कोचिंग संस्थानों से छात्रों और कोर्स के बारे में कोई जानकारी नहीं मांगी
आशीष सूद ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने इन कोचिंग संस्थानों से छात्रों और कोर्स के बारे में कोई जानकारी नहीं मांगी, लेकिन भारी भुगतान कर दिया। यह भुगतान कोर्ट के एक आदेश के माध्यम से कोचिंग संस्थानों को कराया गया। उन्होंने कहा कि संस्थाओं से विभिन्न कोर्स की फीस की पूरी जानकारी लेने के बाद यह पता चला कि यदि प्रति छात्र अधिकतम फीस का भुगतान किया जाता, तब भी इतना भुगतान होना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी जांच का आदेश दे दिया गया है।
दिल्ली सरकार के सामाजिक कल्याण मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार जैसे-जैसे अपने कामकाज में आगे बढ़ रही है, आम आदमी पार्टी के नए-नए घोटालों के खुलासे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी के नाम पर बनी पार्टी ने हर योजना में आम आदमी को ठगने का काम करती रही है। उसने दलित छात्रों को भी नहीं छोड़ा और अंबेडकर के नाम से योजना बनाकर घोटाले को अंजाम दे दिया।