लॉकडाउन में मिली रियायत के बाद आम लोगों के साथ अब ई-रिक्शा और ऑटो चालकों को भी मेट्रो का परिचालन शुरू होने का इंतजार है। रोजाना लाखों लोग मेट्रो में सफर करते थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण मेट्रो संचालन फिलहाल बंद है। हालांकि, लॉकडाउन-4 में रियायत मिलने के बावजूद भी ई-रिक्शा और ऑटो चालक परेशान हैं। क्योंकि, 80 फीसदी से अधिक ई-रिक्शा चालक अपनी कमाई के लिए मेट्रो यात्रियों पर ही निर्भर हैं। फिलहाल बसों से सफर करने वाले यात्रियों और जरूरी काम से आने-जाने वालों के कारण थोड़ी बहुत कमाई हो रही है।
ई-रिक्शा चालक वसीम ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन में रियायत तो मिली, परंतु एक यात्री के बैठाने की छूट होने से उन्हें कोई फायदा नहीं हो रहा है। मेट्रो की सेवाएं न होने की वजह से यात्रियों की संख्या इतनी कम हो गई है कि किराए पर रिक्शा चलाने वालों के लिए रोजाना शाम को पैसे चुकाना भी मुश्किल हो गया है।
ई-रिक्शा चालक नंदुलाल सिंह ने बताया कि मौजूदा हालात में संक्रमण के इस दौर में रिक्शा चलाकर उनका गुजारा नहीं हो रहा है। सुबह से शाम तक अगर 25 चक्कर भी लगाते हैं तो 250-300 रुपये की कमाई होती है। मेट्रो का संचालन शुरू होने से एक बार फिर उनकी जिंदगी पटरी पर लौटने की उम्मीद है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने ट्वीट कर कहा है कि मेट्रो संचालन के आदेश मिलने के बाद भी परिचालन शुरू करने में कम से कम दो दिन का वक्त लगेगा। डीएमआरसी के ट्वीट में भी 31 मई तक मेट्रो सेवाएं बंद रखने की बात कही गई है।